देहरादून जिला प्रशासन ने 27 जनवरी, 2026 की रात ठंड और शीतलहर से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले भर में प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर 88 अलाव जलाए गए हैं। रैन बसेरों में आज रात 83 बेघर लोगों को आश्रय दिया गया, जबकि अब तक 387 जरूरतमंदों को कंबल बांटे जा चुके हैं।
Weather Update : देहरादून जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 27 जनवरी, 2026 की रात बढ़ती ठंड को देखते हुए राहत कार्यों की रिपोर्ट जारी की है। जिले का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया है, जिसके चलते प्रशासन ने बेघर और जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव और आश्रय की व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है। चकराता और लोखंडी जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में पाला गिरने की पुष्टि हुई है।
अलाव से मिली शहर को राहत
शाम होते ही जिले के 88 प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाए गए ताकि राहगीरों और मजदूरों को ठंड से बचाया जा सके। नगर निगम देहरादून ने 26 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की, जिनमें इंद्रमणि चौक, आईएसबीटी (ISBT), झंडा चौक और एम्स अस्पताल जैसे व्यस्त इलाके शामिल हैं।
पहाड़ों की रानी मसूरी में ठंड का प्रकोप ज्यादा होने के कारण वहां सबसे अधिक 30 स्थानों पर अलाव जलाए गए। लंढौर, माल रोड और जीरो पॉइंट जैसे क्षेत्रों में ये इंतजाम किए गए। ऋषिकेश में 8 और विकासनगर में 6 स्थानों पर प्रशासन ने अलाव जलवाए हैं। डोईवाला, चकराता, त्यूनी और कालसी में भी चिह्नित स्थानों पर आग तापने की व्यवस्था की गई।
रैन बसेरों में सुरक्षित रात
खुले आसमान के नीचे सोने वालों के लिए जिले में 10 रैन बसेरे पूरी तरह संचालित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 जनवरी की रात इन आश्रय स्थलों में कुल 83 लोगों ने शरण ली। देहरादून नगर निगम के चार रैन बसेरों (चुक्खु मोहल्ला, ट्रांसपोर्ट नगर, चूना भट्टा, लाल पुल) में बिजली, पानी, बिस्तर और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक जिले में कुल 3,850 लोग इन रैन बसेरों का लाभ उठा चुके हैं। ऋषिकेश के आईएसबीटी स्थित रैन बसेरे में भी बड़ी संख्या में यात्रियों और जरूरतमंदों के रुकने की व्यवस्था है, हालांकि अन्य छोटे निकायों में आज रात उपस्थिति शून्य रही।
पहाड़ों पर विशेष तैयारी और कंबल वितरण
जिला प्रशासन ने शीतलहर से बचाव के लिए अब तक कुल 387 कंबल बांटे हैं। सबसे अधिक 105 कंबल ऋषिकेश तहसील में और 65-65 कंबल कालसी व मसूरी में वितरित किए गए हैं। चकराता और लोखंडी जैसे बर्फबारी संभावित क्षेत्रों के लिए प्रशासन ने पहले ही कमर कस ली है।
इन ऊंचाई वाले इलाकों में खाद्य आपूर्ति विभाग ने पर्याप्त राशन पहुंचा दिया है। चिकित्सा विभाग ने गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर ली है और जरूरी दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित किया है। सड़कों पर बर्फ जमने की स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनों को भी तैनात कर दिया गया है।









