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जब गंगा को ‘नाला’ घोषित कर दिया था… हरीश रावत पर भाजपा का सबसे तीखा प्रहार

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देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में खनन और शराब के पुराने ‘जख्म’ एक बार फिर हरे हो गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए इसे ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ करार दिया है।

उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आज शराब और खनन माफियाओं का पूरी तरह सफाया हो चुका है, जिससे कांग्रेस खेमे में भारी बेचैनी है।

भट्ट ने अतीत के पन्ने खोलते हुए याद दिलाया कि एक दौर वह भी था जब तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सचिव कैमरे पर शराब माफियाओं के साथ सेटिंग करते पकड़े गए थे। उन्होंने तंज कसा कि जो लोग आज नीति पर सवाल उठा रहे हैं, उनके राज में चुनिंदा ब्रांड्स का एकाधिकार था। ‘मिट्टी से सोना’ बनाने की चाहत में रातों-रात गंगा जैसी पवित्र नदी को ‘नाला’ घोषित करने का पाप भी इसी देवभूमि ने देखा है।

ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि जिस खनन सेक्टर को कांग्रेस ने माफियाओं की जागीर बना दिया था, आज वही राजस्व का सबसे बड़ा जरिया है।

कभी खनन से मात्र ₹300 से ₹335 करोड़ का राजस्व आता था, जो अब ऐतिहासिक छलांग लगाकर ₹1200 करोड़ के करीब पहुंच गया है। उत्तराखंड के इन सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है।

यही वजह है कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने ‘स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ (SASCI) स्कीम के तहत उत्तराखंड को ₹200 करोड़ का अतिरिक्त प्रोत्साहन फंड मंजूर किया है। यह इनाम राज्य द्वारा माइनिंग सेक्टर में अपनाई गई ई-टेंडरिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग जैसी पारदर्शी व्यवस्था के लिए दिया गया है।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि 2022 के चुनाव में हरीश रावत खुद अपनी गलतियों के लिए जनता से माफी मांग चुके हैं। जनता ने उनके उस दौर को ‘पाप’ मानकर उन्हें पूरी तरह नकार दिया था।

अब 2027 की तैयारी के लिए कांग्रेस फिर से वही पुराना राग अलाप रही है, लेकिन जनता का भरोसा भाजपा के रिपोर्ट कार्ड पर है। उन्होंने दावा किया कि 2027 में भाजपा की जीत की हैट्रिक तय है।

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