Peepal Tree Vastu Tips : सनातन धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत पवित्र माना गया है। कहा जाता है कि इसमें देवताओं और पितरों का वास होता है, इसलिए इसकी पूजा करना शुभ फल देता है।
मंदिरों या सार्वजनिक स्थानों पर पीपल का पेड़ लगाया जाता है और इसकी पूजा करने से पुण्य मिलता है। लेकिन वास्तु शास्त्र इस बारे में अलग राय रखता है। मान्यता है कि घर के आंगन या आंगन के पास पीपल का पेड़ होना अशुभ माना जाता है।
अगर घर में यह पेड़ अपने आप उग आए तो उसे तुरंत निकालकर किसी मंदिर या खाली जगह पर लगा देना चाहिए।
आइए जानते हैं कि आखिर क्यों घर में पीपल का पेड़ नहीं लगाना चाहिए—
प्रगति में रुकावट
पीपल के पेड़ की छाया बहुत शीतल होती है, लेकिन शास्त्रों में माना गया है कि इसकी छाया घर पर पड़ने से परिवार की तरक्की रुक जाती है और जीवन में बाधाएं आती हैं।
जीवन में कष्ट और अल्पायु
कहते हैं जिस घर में पीपल का पेड़ होता है, वहां रहने वाले लोगों को अक्सर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और उनके जीवन में स्थिरता नहीं रहती।
दांपत्य जीवन में कलह
वास्तु के अनुसार, पीपल का पेड़ घर में होने से वैराग्य बढ़ता है। यह दांपत्य जीवन के लिए अच्छा संकेत नहीं है, क्योंकि इससे पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव और कलह बढ़ सकती है।
संतान को कष्ट
मान्यता है कि अगर घर में पीपल का पेड़ हो तो बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। बच्चे बीमारियों से घिरे रह सकते हैं।
निर्धनता और भय
वास्तु शास्त्र कहता है कि घर की पूर्व दिशा में पीपल का पौधा लगाना बेहद अशुभ माना जाता है। इससे निर्धनता, भय और अशांति घर में प्रवेश कर सकते हैं।
इसलिए पीपल का पेड़ भले ही पवित्र हो, लेकिन उसे घर में लगाने से बचना चाहिए और मंदिर या सार्वजनिक स्थान पर ही उसकी देखभाल करनी चाहिए।









