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Yoga For Spine Health : गर्दन व पीठ दर्द से छुटकारा पाना है आसान, बस अपनाएं ये 3 योगासन

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Yoga For Spine Health : आज के कॉम्पिटिशन भरे जीवन में ज्यादातर लोग घंटों कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर झुककर काम करते हैं। इस वजह से पीठ और गर्दन के दर्द की शिकायत बहुत आम हो गई है।

सही पोस्चर न अपनाने या लंबे समय तक बैठे रहने से यह समस्या और बढ़ सकती है। अगर आप भी इस दर्द से जूझ रहे हैं, तो योग आपके लिए वरदान साबित हो सकता है।

यहां हम आपको तीन ऐसे योगासन बता रहे हैं, जो पीठ और गर्दन की समस्याओं को कम करने में मदद करेंगे और शरीर को तुरंत राहत देंगे।

भुजंगासन (Cobra Pose) – कमर और रीढ़ की हड्डी के लिए वरदान

भुजंगासन, जिसे कोबरा मुद्रा भी कहा जाता है, पीठ की अकड़न और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं में राहत देता है। इसे करने से कमर मजबूत होती है और दर्द कम महसूस होता है।

कैसे करें भुजंगासन

सबसे पहले पेट के बल लेट जाएँ और हथेलियों को कंधों के नीचे रखें।

उंगलियों को फैलाएं और धीरे-धीरे छाती को ऊपर की ओर उठाएं।

सांस को सामान्य रखें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें।

धीरे-धीरे छाती को नीचे लाकर शुरुआत की स्थिति में वापस आएं।

रोज़ाना अभ्यास से कमर और पीठ में लचीलापन बढ़ता है और दर्द में जल्दी राहत मिलती है।

मंडूकासन (Frog Pose / Half Frog Pose) – कूल्हों और जांघों की लचीलापन बढ़ाने वाला

मंडूकासन छाती और कंधों को खोलता है और पीठ, जांघ और कूल्हों में लचीलापन बढ़ाता है। यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं।

कैसे करें मंडूकासन

वज्रासन में बैठ जाएं और मुठ्ठी बनाएं, अंगूठे बाहर की तरफ रखें।

मुठ्ठी को नाभि और जांघ के पास लाएं।

सांस छोड़ते हुए पेट को अंदर की ओर खींचें और धीरे-धीरे आगे झुकें।

छाती को जांघ से छूने की कोशिश करें और जितना समय संभव हो, इसी मुद्रा में रहें।

धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं और दिन में इसे 2-3 बार दोहराएं।

यह आसन पीठ और कंधों को मजबूत बनाता है और दर्द से राहत दिलाता है।

ताड़ासन (Mountain Pose) – शरीर का संतुलन और मजबूती बढ़ाने वाला

ताड़ासन शरीर के पोस्चर में सुधार लाता है, शारीरिक और मानसिक संतुलन विकसित करता है और जांघ, घुटने और टखनों को मजबूत करता है।

कैसे करें ताड़ासन:

सीधे खड़े हों और हाथों को ऊपर उठाकर जोड़ें।

एड़ियों के सहारे धीरे-धीरे शरीर को ऊपर की ओर स्ट्रेच करें।

संतुलन बनाएं और 10-15 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।

धीरे-धीरे हाथों को नीचे लाएं और शुरुआत की स्थिति में आएं।

इसे 4-5 बार दोहराएं।

रोज़ ताड़ासन करने से न सिर्फ शरीर में लचीलापन आता है बल्कि मन भी शांत और स्फूर्तिशील महसूस होता है।

योग से जुड़े कुछ फायदे

पीठ और गर्दन के दर्द में तुरंत राहत

शरीर का संतुलन और लचीलापन बढ़ाना

मानसिक तनाव कम करना

बेहतर रक्त संचार और ऊर्जा स्तर बढ़ाना

इन तीन योगासनों का नियमित अभ्यास करने से आप लंबे समय तक पीठ और गर्दन दर्द जैसी समस्याओं से मुक्त रह सकते हैं। साथ ही शरीर में मजबूती और मानसिक शांति भी आती है।

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