Savings Account : अगर आप भी सोचते हैं कि सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) में पैसा डाल दिया और बस हो गया, तो सावधान हो जाइए! जरा सी लापरवाही से हर महीने हजारों रुपये डूब सकते हैं। आज हम बताने जा रहे हैं वो 6 बड़ी गलतियाँ जो ज्यादातर लोग करते हैं और बाद में पछताते हैं।
मिनिमम बैलेंस (Minimum Balance) का ध्यान नहीं रखते
हर बैंक ने सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) के लिए मिनिमम बैलेंस (Minimum Balance) की लिमिट तय की है। लोग अक्सर इसे हल्के में लेते हैं और अकाउंट को जीरो बैलेंस (Zero Balance) के करीब छोड़ देते हैं। जैसे ही बैलेंस लिमिट से नीचे जाता है, हर हर महीने पेनल्टी कटती रहती है। थोड़े-थोड़े पैसे कटते-कटते साल भर में हजारों रुपये गायब हो जाते हैं। इसलिए हमेशा मिनिमम बैलेंस (Minimum Balance) अलर्ट ऑन रखें और अकाउंट को कभी खाली न होने दें।
KYC अपडेट करना भूल जाते हैं
बहुत से लोग सालों-साल सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) का KYC अपडेट नहीं करते। बैंक नियम के मुताबिक समय पर KYC नहीं हुआ तो अकाउंट फ्रीज हो जाता है। फ्रीज अकाउंट से न पैसा निकाल सकते हैं, न ट्रांसफर कर सकते हैं और न ही डेबिट कार्ड चलेगा। इसलिए हर साल कम से कम एक बार KYC और पर्सनल डिटेल्स जरूर अपडेट करवाएँ।
पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी लीक कर देते हैं
ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक और नेट बैंकिंग की जानकारी को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। कई लोग तो पासवर्ड मोबाइल में ही सेव कर लेते हैं या किसी को बता देते हैं। आजकल डिजिटल फ्रॉड (Digital Fraud) बहुत बढ़ गया है। जरा सी चूक हुई और अकाउंट से सारा पैसा गायब! पासवर्ड हमेशा स्ट्रॉन्ग रखें, किसी से शेयर न करें और अनजान लिंक या कॉल पर कभी जानकारी न दें।
अनसेफ वेबसाइट और वाई-फाई पर कार्ड इस्तेमाल
डेबिट कार्ड हर जगह स्वाइप करना या संदिग्ध वेबसाइट पर डालना बहुत रिस्की है। अनसिक्योर्ड वाई-फाई (Unsecured Wi-Fi) या फेक पेमेंट पेज पर कार्ड डिटेल्स डालते ही डेटा चोरी हो सकता है। जितना हो सके ऑनलाइन पेमेंट के लिए सुरक्षित UPI ऐप्स यूज़ करें। क्रेडिट कार्ड भी डेबिट कार्ड से ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
पुराने ऑटो-डेबिट और सब्स्क्रिप्शन भूल जाते हैं
समय के साथ हम कई ऐप्स, OTT प्लेटफॉर्म और सर्विसेज के सब्स्क्रिप्शन ले लेते हैं और बाद में कैंसिल करना भूल जाते हैं। ये छोटे-छोटे ऑटो-डेबिट (Auto-Debit) हर महीने चुपचाप पैसे काटते रहते हैं। अगर हर महीने बैंक स्टेटमेंट चेक नहीं किया तो पता भी नहीं चलता। महीने में एक बार स्टेटमेंट जरूर देखें और अनचाहे सब्स्क्रिप्शन तुरंत बंद कर दें।
जरूरत से ज्यादा सेविंग्स अकाउंट खोल लेते हैं
कई लोग अलग-अलग बैंकों में एक के बाद एक सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) खोलते रहते हैं लेकिन इस्तेमाल नहीं करते। लंबे समय तक इनएक्टिव रहने पर अकाउंट डॉरमेंट (Dormant Account) हो जाता है। फिर उसे दोबारा एक्टिवेट करवाने में बहुत समय और परेशानी लगती है। इसलिए जितने अकाउंट की जरूरत हो उतने ही रखें, बाकी बंद करवा दें।









