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उत्तराखंड में गड्ढामुक्त सड़कों की 24 घंटे की डेडलाइन, कल तक हर हाल में सड़कें सुधारने का फरमान

उत्तराखंड में 18 अक्टूबर की डेडलाइन से पहले लोनिवि सचिव पंकज पांडेय सुबह 6 बजे देहरादून की सड़कों पर उतरे। 10 बड़े मार्गों का जायजा लेकर तेजी के दिए निर्देश।

देहरादून (17 अक्टूबर) : उत्तराखंड की सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त बनाने के लिए तय 18 अक्टूबर की अंतिम मियाद से ठीक 24 घंटे पहले लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) का शीर्ष अमला शनिवार तड़के सुबह 6 बजे मैदान में उतर पड़ा। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद लोनिवि सचिव पंकज कुमार पांडेय ने वरिष्ठ इंजीनियरों की पूरी टीम के साथ राजधानी देहरादून के प्रमुख और सबसे व्यस्त 10 मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया।

मौके पर चल रहे पैचवर्क और डामरीकरण के काम की गुणवत्ता परखते हुए सचिव ने साफ चेताया कि रविवार शाम तक हर हाल में काम पूरा होना चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आखिरी 24 घंटे बाकी और अफसरों का सड़कों पर डेरा

लोनिवि सचिव पंकज कुमार पांडेय के निरीक्षण की शुरुआत सुबह 6 बजे कालिदास रोड टर्न से हुई। इसके बाद अफसरों का काफिला कैनाल रोड, नागल, मसूरी डायवर्जन, सहस्त्रधारा तिराहा, लाडपुर, जोगीवाला, रिस्पना पुल, घंटाघर, चकराता रोड और गढ़ी कैंट जैसे प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पहुंचा। इन सभी इलाकों में हाल ही में हुए पैचवर्क और बाकी बचे गड्ढों की स्थिति का बारीकी से आकलन किया गया।

सचिव ने मौके पर मौजूद इंजीनियरों को दो-टूक कहा कि यह सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने काम की गति तुरंत बढ़ाने और रविवार शाम तक अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।

त्योहारी सीजन में बदहाल सड़कों पर जनता का आक्रोश

राज्यभर में मानसून के बाद टूटी सड़कों और गहरे गड्ढों को लेकर लंबे समय से स्थानीय नागरिक और विपक्षी दल सवाल उठा रहे थे। त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के समापन दौर के बीच सड़कों की खराब हालत सीधे तौर पर दुर्घटनाओं की वजह बन रही थी। इसी नाराजगी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 18 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश के मार्गों को दुरुस्त करने का सख्त फरमान जारी किया था।

देहरादून शहर के भीतर रिस्पना, जोगीवाला और चकराता रोड जैसे भारी ट्रैफिक वाले रास्तों पर उड़ती धूल और हिचकोले खाते वाहनों की शिकायतें लगातार शासन तक पहुंच रही थीं, जिसके चलते शनिवार सुबह ही शीर्ष स्तर पर यह औचक मैदानी पड़ताल करनी पड़ी।

काम में लापरवाही पर अब तय होगी सीधी जवाबदेही

निरीक्षण के दौरान अपर सचिव विनीत कुमार, मुख्य अभियंता दयानंद, अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह व अरुण पांडेय और अधिशासी अभियंता बी.एन. द्विवेदी सहित फील्ड इंजीनियरों की पूरी टीम मौजूद रही। सचिव ने स्पष्ट किया कि 18 अक्टूबर के बाद मुख्यालय स्तर से सड़कों का थर्ड-पार्टी या क्रॉस वेरिफिकेशन कराया जाएगा।

अगर तय समयसीमा के बाद भी किसी डिवीजन में गड्ढे छूटे पाए गए या घटिया सामग्री से केवल खानापूर्ति की गई, तो संबंधित क्षेत्र के अधिशासी और सहायक अभियंताओं के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का दावा है कि शेष बचे पैचवर्क को पूरा करने के लिए शनिवार रातभर मशीनें और मजदूर तैनात रहेंगे।

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