हरिद्वार: रेलवे गेट के पास राहगीरों को आकर्षित करने को लेकर भिड़ीं 8 महिलाओं को पुलिस ने BNSS की धारा 126/135/170 के तहत हिरासत में ले लिया है।
हरिद्वार (25 अक्टूबर) : तीर्थनगरी हरिद्वार के सबसे व्यस्त इलाके में राहगीरों को अपनी ओर आकर्षित करने की होड़ ने रविवार को हिंसक रूप ले लिया। रेलवे गेट और बस अड्डे के सामने दो पक्षों की महिलाएं सरेराह आपस में भिड़ गईं और तीखी गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गईं। सार्वजनिक स्थल पर मर्यादा तार-तार होते देख मौके पर गश्त कर रही नगर कोतवाली पुलिस ने फौरन हस्तक्षेप किया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों की 8 महिलाओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सभी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की निरोधात्मक धाराओं के तहत सख्त कानूनी कदम उठाया है।
सड़क पर राहगीरों को रिझाने को लेकर बवाल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरिद्वार के निर्देशानुसार जिले में सार्वजनिक स्थलों पर उपद्रव मचाने और शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में कोतवाली नगर पुलिस की टीम शिवमूर्ति चौक एवं रेलवे गेट क्षेत्र में सुरक्षा व यातायात ड्यूटी पर मुस्तैद थी। उपनिरीक्षक निशा सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नंदकिशोर ग्वाड़ी और उपनिरीक्षक विक्रम सिंह बिष्ट मय महिला पुलिस बल क्षेत्र में गश्त कर रहे थे।
इसी दौरान रोडवेज बस अड्डे से आगे रेलवे गेट के ठीक सामने महिलाओं के दो गुट आपस में भिड़ते दिखाई दिए। दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि वे खुलेआम गाली-गलौज करते हुए एक-दूसरे पर हाथ छोड़ने लगीं। व्यस्त सड़क पर अचानक हुई इस मारपीट से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने फौरन घेराबंदी कर दोनों पक्षों को अलग किया और हालात पर काबू पाया।
विवाद की जड़ में राहगीरों को खींचने की होड़
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में झगड़े की जो असल वजह सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों की महिलाएं रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड मार्ग से आने-जाने वाले राहगीरों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रही थीं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर वर्चस्व की जंग छिड़ गई।
हरिद्वार का रेलवे स्टेशन और बस अड्डा क्षेत्र चौबीसों घंटे यात्रियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही से भरा रहता है। ऐसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थल पर सरेराह हुए इस हंगामे से न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी हुई, बल्कि शहर की छवि पर भी असर पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि पुलिस टीम मौके पर मौजूद न होती, तो यह विवाद खूनी संघर्ष में भी बदल सकता था।
बीएनएसएस की धाराओं में आठ महिलाओं पर कार्रवाई
घटनास्थल पर किसी संज्ञेय अपराध के घटित होने और शांति भंग होने की पुख्ता आशंका को देखते हुए पुलिस ने त्वरित वैधानिक कदम उठाया। उपनिरीक्षक निशा सिंह, महिला आरक्षी शोभा, मुन्नी राणा, पूजा शर्मा तथा आरक्षी कमल मेहरा और हरीश रतूड़ी की टीम ने दोनों पक्षों की कुल 8 महिलाओं को मौके से हिरासत में ले लिया।
कोतवाली नगर पुलिस ने सभी 8 महिलाओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए पाबंद करना), धारा 135 (सदाचार का बंधपत्र) और धारा 170 (संज्ञेय अपराध निवारक गिरफ्तारी) के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि धर्मनगरी में खुलेआम माहौल खराब करने और राहगीरों को परेशान करने वाले तत्वों के खिलाफ आगे भी ऐसा ही कड़ा रुख जारी रहेगा।









