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अंकिता को न्याय दिलाने सड़क पर उतरी कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

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अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस ने देहरादून में आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कैंडल मार्च निकालते हुए सीधे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम और विधायक रेणु बिष्ट की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की मांग की है।

देहरादून : अंकिता भंडारी हत्याकांड की आग ठंडी नहीं पड़ी है। देहरादून की सड़कों पर आज कांग्रेस ने मशाल थाम ली और सीधे भाजपा के शीर्ष नेताओं पर उंगली उठा दी। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अगुवाई में निकले कैंडल मार्च ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। गोदियाल ने साफ लफ्जों में कहा कि अंकिता की हत्या महज एक अपराध नहीं है, बल्कि यह भाजपा की सत्ता-संरक्षित व्यवस्था द्वारा की गई ‘न्याय की सुनियोजित हत्या’ है।

गोदियाल ने इस बार बयानों में कोई नरमी नहीं बरती। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम के साथ-साथ विधायक रेणु बिष्ट की भूमिका पर सीधे सवाल दाग दिए। कांग्रेस का आरोप है कि एक बेटी की जान जाने के बाद भी सरकार आरोपियों को बचाने में जुटी रही।

सवाल यह है कि आखिर भाजपा किससे डर रही है? गोदियाल ने पूछा कि जब भाजपा के अपने ही लोग दबी जुबान में ‘वीआईपी’ संरक्षण की बात स्वीकार रहे हैं, तो सरकार सीबीआई जांच से क्यों भाग रही है?

प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद गरम रहा। कांग्रेस ने दो टूक मांग रखी कि दुष्यंत गौतम और रेणु बिष्ट को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई को सौंपी जाए।

गोदियाल ने सरकार को चेताया कि दोषी कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे कानून के कठघरे में आना ही होगा। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अंकिता को पूरा न्याय नहीं मिलता, पार्टी चैन से नहीं बैठेगी। किसी भी राजनीतिक दबाव को अब जांच के आड़े नहीं आने दिया जाएगा।

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