अंकिता भंडारी प्रकरण पर भाजपा ने कांग्रेस को सोशल मीडिया पर ‘भ्रामक राजनीति’ न करने की चेतावनी दी है। प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि सबूत अदालत में दें, इंटरनेट पर दिवंगत बेटी के सम्मान से खिलवाड़ न करें।
देहरादून : अंकिता भंडारी प्रकरण पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। अब भाजपा ने कांग्रेस पर दिवंगत बेटी के सम्मान से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने दो टूक कहा कि सोशल मीडिया पर अधूरी और भड़काऊ पोस्ट डालकर राजनीति करना देवभूमि की संस्कृति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी है कि न्याय सोशल मीडिया की सनसनी से नहीं, बल्कि ठोस सबूतों से मिलता है।
सोशल मीडिया ट्रायल बनाम अदालती सबूत
दीप्ति रावत भारद्वाज का कहना है कि कांग्रेस के पास जनता के बीच जाने के लिए अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। यही वजह है कि जनता को गुमराह करने के लिए कटे-छँटे वीडियो और अफवाहों का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने इसे न्याय की प्रक्रिया के बजाय ‘सोशल मीडिया ट्रायल’ करार दिया। भाजपा ने स्पष्ट चुनौती दी है कि यदि किसी के पास कोई भी वास्तविक साक्ष्य (सबूत) है, तो उसे फेसबुक या इंस्टाग्राम पर उछालने के बजाय अदालत या सक्षम जांच एजेंसी के सामने प्रस्तुत करें।
धामी सरकार की कार्रवाई का हवाला
सरकार के बचाव में दीप्ति रावत ने प्रशासन द्वारा अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा रखा। उन्होंने याद दिलाया कि धामी सरकार ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारियां कीं और 48 घंटे में शव बरामद कर लिया था। एसआईटी के गठन और अदालत में सख्त पैरवी के चलते ही दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की दिशा तय हुई। उनका दावा है कि सरकार ने हर कदम पर पीड़ित परिवार की भावनाओं और सुझावों को प्राथमिकता दी है।
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साइबर एजेंसियों से कार्रवाई की मांग
भाजपा नेत्री ने प्रशासन और साइबर एजेंसियों से भी कड़े कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए अश्लील या अपुष्ट कंटेंट को हथियार बनाने वालों पर सख्ती होनी चाहिए। देवभूमि का माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक विमर्श की मर्यादा बनाए रखने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म्स को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।









