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Ganesh Godiyal : महेंद्र भट्ट पर भड़के गोदियाल, बोले- अंकिता केस से ध्यान हटा रही भाजपा

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल (Ganesh Godiyal) ने महेंद्र भट्ट के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए अंकिता भंडारी केस पर सरकार की चुप्पी को शर्मनाक बताया। कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस पर संविधान बचाने और जनहित की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया गया।

देहरादून : सियासी पारा चढ़ गया है। देहरादून में कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस का जश्न तीखे राजनीतिक वार-पलटवार में बदल गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के आरोपों पर आक्रामक रुख अपनाया है। गोदियाल ने साफ कहा कि भाजपा असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है और अंकिता भंडारी मामले पर सरकार की चुप्पी तोड़ने के बजाय अब जातिगत राजनीति का कार्ड खेल रही है।

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महेंद्र भट्ट को सीधी चुनौती

गोदियाल रुके नहीं। उन्होंने भट्ट के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन पर कथित ऑडियो मामले को लेकर अनुसूचित जाति समाज के अपमान का आरोप लगा था। गणेश गोदियाल का कहना है कि महेंद्र भट्ट खुद अपने नेताओं की जाति उजागर कर मामले को जानबूझकर डायवर्ट कर रहे हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि किसी नेता की जाति बताकर उसका अपमान करना असल में भाजपा की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। गोदियाल ने भट्ट को याद दिलाया कि उन पर खुद एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे, जिस पर वो आज तक स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए हैं।

अंकिता केस पर सरकार की चुप्पी

दर्द अभी भी ताजा है। गोदियाल ने तल्ख लहजे में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड पर पूरी सरकार ने मौन धारण कर रखा है। इतने दिन बीत जाने के बाद भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निराशा ही हाथ लगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश का युवा और मातृशक्ति सब देख रही है। भाजपा सरकार को इसका जवाब आने वाले समय में जनता जरूर देगी।

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गोदियाल ने स्पष्ट किया कि अगर वो बतौर अध्यक्ष कोई अयोग्यता अर्जित करते हैं, तो यह उनका व्यक्तिगत अपमान माना जाएगा, न कि उनकी जाति का। इसलिए भाजपा के नेताओं को सत्ता के गुरुर में नहीं रहना चाहिए।

स्थापना दिवस का संकल्प

माहौल में उत्साह भी था। इस तीखी जुबानी जंग के बीच प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यालय में अपना 140वां स्थापना दिवस मनाया। गणेश गोदियाल ने ध्वजारोहण किया और सेवादल कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम के साथ जश्न की शुरुआत की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर संगठन की मजबूती की कामना की।

गोदियाल ने याद दिलाया कि 28 दिसंबर 1885 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। यह वही संगठन है जिसने जनता के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई और देश की आजादी में सबसे अग्रणी भूमिका निभाई।

संविधान बचाने की लड़ाई

लड़ाई लंबी है। कांग्रेस नेताओं ने आज संकल्प लिया कि जिस आजादी के लिए विभिन्न धर्मों और वर्गों के लोगों ने कुर्बानियां दीं, उसे अक्षुण रखने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी का लक्ष्य विषमता और शोषण मुक्त भारत का निर्माण करना है।

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आज के दौर में संविधान को बचाने और दबे-कुचले वर्गों की आवाज उठाने के लिए पहले से भी अधिक कठिन संकल्प लेने की जरूरत है। कांग्रेसजनों ने भरोसा जताया कि वे जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ते रहेंगे।

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