उत्तराखंड सरकार ने 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड को समाप्त कर ‘राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद गठित इस प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर डॉ. सुरजीत सिंह गांधी को नियुक्त किया गया है। अब राज्य में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों का सिलेबस और नीतियां यही प्राधिकरण तय करेगा, जबकि मान्यता उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मिलेगी।
उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा के ढांचे में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने आगामी 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड को खत्म करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचा दी है।
मंगलवार को शासन ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद ‘राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ के गठन की अधिसूचना आधिकारिक तौर पर जारी कर दी। इस नई व्यवस्था के तहत प्राधिकरण में अध्यक्ष सहित कुल 11 पदों पर नियुक्तियां भी कर दी गई हैं।
डॉ. सुरजीत सिंह गांधी बने पहले अध्यक्ष
विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने जानकारी दी कि पिछले विधानसभा सत्र में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का विधेयक पारित किया गया था, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। जारी अधिसूचना के मुताबिक, डॉ. सुरजीत सिंह गांधी को नवनिर्मित प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
प्राधिकरण में समाज के विभिन्न वर्गों और विशेषज्ञों को जगह दी गई है। सदस्यों में प्रो. राकेश जैन, डॉ. सैयद अली, प्रो. पेमा तेनजिन, डॉ. एल्बा मेड्रिले, प्रो. रोबिना अमन, प्रो. गुरमीत सिंह, राजेंद्र बिष्ट और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी चंद्रशेखर भट्ट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, महानिदेशक-विद्यालयी शिक्षा, निदेशक-राज्य शैक्षिक अनुसंधान और निदेशक-अल्पसंख्यक कल्याण को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
शिक्षा बोर्ड से मिलेगी मान्यता, प्राधिकरण बनाएगा पाठ्यक्रम
इस बदलाव के बाद अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल जाएगी। 1 जुलाई से ये सभी संस्थाएं राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अधीन आ जाएंगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन संस्थानों की मान्यता की प्रक्रिया अब उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड के माध्यम से पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस नई व्यवस्था पर स्पष्टता देते हुए कहा कि अब उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ही यह तय करेगा कि अल्पसंख्यक बच्चों को किस तरह की शिक्षा दी जाए। संस्थानों का सिलेबस (पाठ्यक्रम) निर्धारित करने का अधिकार भी पूर्ण रूप से इसी प्राधिकरण के पास होगा।
सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड कब से समाप्त हो रहा है?
उत्तर: उत्तराखंड सरकार के आदेशानुसार, आगामी 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया जाएगा।
प्रश्न: मदरसा बोर्ड की जगह अब कौन सी संस्था काम करेगी?
उत्तर: मदरसा बोर्ड की जगह अब ‘राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ (State Minority Education Authority) कार्य करेगा।
प्रश्न: नए प्राधिकरण का अध्यक्ष किसे बनाया गया है?
उत्तर: डॉ. सुरजीत सिंह गांधी को राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
प्रश्न: अब मदरसों या अल्पसंख्यक संस्थानों का सिलेबस कौन तय करेगा?
उत्तर: मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, सिलेबस तय करने का अधिकार अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के पास होगा।









