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Dehradun News : ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर से मिले सूर्यकांत धस्माना, पर्यटन और शिक्षा में निवेश पर हुई चर्चा

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देहरादून, 28 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun News : उत्तराखंड में पर्यटन, शिक्षा और औद्योगिक विकास की संभावनाओं को तलाशने के लिए दो दिवसीय दौरे पर आईं ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर अल्बा स्मर्लिजियो से आज कांग्रेस नेताओं ने मुलाकात की। मसूरी रोड स्थित एक होटल में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने शिरकत की। उनके साथ उनकी सुपुत्री और राजीव गांधी स्टडी सर्किल की राज्य सचिव सुप्रिया धस्माना भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

सुश्री अल्बा स्मर्लिजियो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए ब्रिटिश हाई कमीशन की ओर से आधिकारिक तौर पर प्रभारी हैं। अपने इस वर्तमान उत्तराखंड दौरे के दौरान वे यहां के राजनीतिक, व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र के अग्रणी लोगों से लगातार मिल रही हैं। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन की ओर से उत्तराखंड में विभिन्न सेक्टरों में सहभागिता और निवेश की संभावनाओं का गहराई से अध्ययन करना है।

मुलाकात के बाद बातचीत के दौरान सूर्यकांत धस्माना ने प्रेस को बताया कि उन्होंने ब्रिटिश अधिकारी के सामने राज्य की भौगोलिक और प्राकृतिक विशेषताओं का पूरा खाका रखा। उन्होंने उत्तराखंड की नैसर्गिक सुंदरता, राष्ट्रीय पार्कों, अभ्यारण्यों और ग्लेशियरों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। इसके साथ ही पवित्र गंगा, यमुना, शारदा और उनकी सहायक नदियों के महत्व को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

कांग्रेस नेता ने बैठक में फूलों की घाटी, बुग्यालों, चार धामों के साथ हेमकुंड साहिब, नानक मता, पिराने कलियर और विभिन्न सिद्ध पीठों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड के पास पर्यटन, तीर्थाटन और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में विदेशी निवेशकों के आने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए रास्ते खुल सकते हैं।

राज्य की नदियों और जल स्रोतों का जिक्र करते हुए श्री धस्माना ने ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर को अवगत कराया कि यहां जल विद्युत उत्पादन की भी अपार क्षमता है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में छोटे और सूक्ष्म जल विद्युत परियोजनाओं पर काम करने के लिए बेहतरीन माहौल उपलब्ध है। इस दिशा में तकनीकी सहयोग और निवेश दोनों स्तरों पर नए प्रस्तावों पर काम किया जा सकता है।

बैठक के दौरान शिक्षा के मोर्चे पर भी काफी देर तक गंभीर चर्चा की गई। राजीव गांधी स्टडी सर्किल की राज्य सचिव सुप्रिया धस्माना ने सुश्री अल्बा के साथ बातचीत करते हुए देहरादून, नैनीताल और मसूरी के विश्व प्रसिद्ध स्कूलों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि माध्यमिक स्तर की शिक्षा के मामले में उत्तराखंड का देश और दुनिया भर में एक विशिष्ट और प्रतिष्ठित स्थान है।

सुश्री सुप्रिया ने ब्रिटिश अधिकारी को बताया कि दून स्कूल, वेल्हम स्कूल, वाइनबर्ग एलन और सेंट जॉर्ज्स स्कूल जैसे संस्थान वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं। इन प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में देश के साथ-साथ विदेशों से भी छात्र-छात्राएं आकर उच्चकोटि की शिक्षा ग्रहण करते हैं। इस मजबूत शैक्षणिक बुनियादी ढांचे ने राज्य की वैश्विक प्रतिष्ठा को और अधिक पुख्ता किया है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को लेकर भी एक महत्वपूर्ण सुझाव सामने रखा गया। सुश्री सुप्रिया ने ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर से कहा कि देहरादून और पूरे उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के कुछ विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम ब्रिटेन के संस्थानों के साथ मिलकर चलाए जा सकते हैं। इसके लिए उत्तराखंड सरकार और निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थान संयुक्त रूप से एक साझा कार्ययोजना तैयार कर सकते हैं।

ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर अल्बा स्मर्लिजियो ने सूर्यकांत धस्माना और सुश्री सुप्रिया द्वारा दी गई तमाम जानकारियों और सुझावों के लिए आभार जताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस दो दिवसीय दौरे की आज की गई यह वार्ता बेहद महत्वपूर्ण रही है। वे इस पूरी मुलाकात के आधार पर एक विस्तृत और समग्र रिपोर्ट तैयार करेंगी जिसे सीधे ब्रिटिश हाई कमिश्नर और वहां की सरकार को भेजा जाएगा।

सुश्री अल्बा ने यह भी संकेत दिए कि उत्तराखंड में पर्यटन, ग्रीन एनर्जी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ब्रिटिश सरकार की ओर से निवेश और सहभागिता बढ़ाने की प्रबल संभावनाएं मौजूद हैं। इस पूरी बैठक के दौरान उनके साथ ब्रिटिश हाई कमिश्नर चंडीगढ़ कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और राजनीतिक सलाहकार राजेंद्र सिंह नागरकोटी भी मौजूद रहे।

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