मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी सभागार में बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस बैठक में प्रदेश की जीडीपी में 60% की रिकॉर्ड वृद्धि और ₹4,74,000 करोड़ के आंकड़े पर चर्चा हुई। सरकार ने आगामी बजट के लिए कृषि, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण से जुड़े स्थानीय सुझावों पर मंथन किया।
Uttarakhand Budget 2026 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जनपद के बनबसा स्थित एनएचपीसी सभागार में सीमांत क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम संपन्न किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2047 तक आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को पाने के लिए यह बजट जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम में वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति का विवरण प्रस्तुत किया।
आर्थिक प्रगति और बुनियादी ढांचा
वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड की जीडीपी वर्ष 2021-22 के ₹2,54,000 करोड़ से बढ़कर अब ₹4,74,000 करोड़ हो गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने वित्तीय प्रबंधन में देश भर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। टनकपुर और बनबसा जैसे सीमांत क्षेत्रों के व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने जीएसटी में रियायत और मंडी शुल्क कम करने की मांग रखी ताकि स्थानीय व्यापार को संजीवनी मिल सके।
कृषि, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
संवाद के दौरान कीवी और ब्लूबेरी जैसे ‘वैल्यू क्रॉप्स’ के उत्पादन पर विशेष चर्चा हुई। चम्पावत और अल्मोड़ा जैसे जनपदों में बागवानी सब्सिडी को 80% तक बढ़ाने का सुझाव गंभीरता से लिया गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए हर गांव में पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुमाऊं मंडल में हेली सेवाओं के विस्तार और एग्री-टूरिज्म को स्थानीय समुदायों से जोड़ने की योजना पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।









