उत्तराखंड में अवैध घुसपैठियों और संदिग्धों की पहचान के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्यव्यापी सघन सत्यापन अभियान शुरू किया गया है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सभी जिलों के कप्तानों को होटल, धर्मशाला, किराएदारों और डिलीवरी एजेंटों की बारीकी से जांच करने के आदेश दिए हैं। बिना सत्यापन किराएदार रखने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून। (Uttarakhand News) उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और बाहरी संदिग्धों की पहचान के लिए धामी सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस मुख्यालय ने पूरे राज्य में घुसपैठियों और संदिग्धों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है।
पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ ने रविवार को आदेश जारी कर सभी जिलों के थाना और चौकी स्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अवैध रूप से रह रहे लोगों को बाहर करना है।
अफसरों की निगरानी में चलेगा सघन चेकिंग अभियान
पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह अभियान केवल कागजी नहीं होगा, बल्कि इसकी जमीनी स्तर पर निगरानी की जाएगी। अभियान की प्रगति की समीक्षा पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) से लेकर महानिरीक्षक (IG) स्तर तक के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पड़ने वाले अपार्टमेंट, आश्रमों, धर्मशालाओं और होटलों की बारीकी से जांच करें। इसके साथ ही फ्लैट और पीजी में रहने वाले छात्रों व युवाओं का भी डेटा खंगाला जाएगा।
प्रॉपर्टी डीलर और मकान मालिकों पर कसेगा शिकंजा
इस बार पुलिस की रडार पर केवल किराएदार ही नहीं, बल्कि मकान मालिक और प्रॉपर्टी डीलर भी हैं। अभियान के तहत प्रॉपर्टी डीलरों और ब्रोकरों के माध्यम से रखे गए किरायेदारों की गहन जांच होगी।
यदि कोई मकान मालिक बिना पुलिस सत्यापन के किसी बाहरी व्यक्ति को किराए पर रखता है या किसी संदिग्ध को शरण देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही साफ कर दिया है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
डिलीवरी एजेंट और सुरक्षा एजेंसियों का भी होगा वेरिफिकेशन
अभियान का दायरा बढ़ाते हुए इसमें ई-कॉमर्स और होम डिलीवरी सेवाओं को भी शामिल किया गया है। अमेजन, जोमेटो और ब्लिंकिट जैसे मंचों से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, निजी सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड, कैब चालकों और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले ठेका मजदूरों का भी सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके अलावा, अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा का मूल्यांकन करने के साथ-साथ उनके घरेलू सहायकों, चालकों और केयर-टेकर का पुलिस रिकॉर्ड चेक किया जाएगा।
विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों पर विशेष नजर
अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और जिनका वीजा समाप्त हो चुका है, उनकी पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। नैटग्रिड (NATGRID), CCTNS और आईसीजेएस (ICJS) जैसे केंद्रीय सुरक्षा पोर्टलों के जरिए सूचनाओं का मिलान किया जाएगा।
डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड पुलिस यह बड़ा अभियान महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए चला रही है। अपराधियों और संदिग्ध तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।









