उत्तराखंड के नैनीताल और उत्तरकाशी जिला अदालतों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। ‘पाक आईएसआई-एलटीटीई’ के नाम से आए ई-मेल में जज के चैंबर में 12 आरडीएक्स रखे होने का दावा किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने कोर्ट परिसरों को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
Uttarakhand News : उत्तराखंड के न्यायिक परिसरों में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब नैनीताल और उत्तरकाशी जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। इस सूचना के सामने आते ही पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं।
आनन-फानन में दोनों कोर्ट परिसरों को खाली कराया गया और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। धमकी भरे ई-मेल में बेहद चौंकाने वाला दावा किया गया है कि जज के चैंबर में 12 आरडीएक्स रखे गए हैं। धमकी देने वाले ने खुद को ‘पाक आईएसआई’ और ‘एलटीटीई’ से जुड़ा बताया है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
नैनीताल और हल्द्वानी कोर्ट में दहशत का माहौल
सोमवार सुबह नैनीताल जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के मुताबिक, ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन की ई-मेल आईडी पर यह संदेश भेजा गया था। जैसे ही इस धमकी की खबर फैली, अधिवक्ता और वादकारी अपने चैंबरों से बाहर निकल आए।
नैनीताल जिला जज की आधिकारिक मेल पर आई इस धमकी की आंच हल्द्वानी सिविल कोर्ट तक भी पहुंची। नैनीताल से लेकर हल्द्वानी और रामनगर के न्यायालयों में दहशत फैल गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हल्द्वानी और नैनीताल न्यायालय भवन को खाली करा दिया।
अधिवक्ताओं में रोष और सुरक्षा पर सवाल
बार एसोसिएशन हल्द्वानी के अध्यक्ष किशोर कुमार पंत ने बताया कि करीब पौने बारह बजे एसएसपी को इस मामले की जानकारी दी गई। हल्द्वानी कोर्ट में रोजाना 700 से अधिक अधिवक्ता मौजूद रहते हैं, सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद संवेदनशील है। धमकी के बाद लोग मुख्य हाईवे तक पहुंच गए। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, अधिवक्ताओं ने इस बात पर नाराजगी जताई कि धमकी मिलने के एक घंटे बाद तक बम निरोधक दस्ता मौके पर नहीं पहुंच सका था। इस हंगामे के कारण कोर्ट की कई महत्वपूर्ण सुनवाइयां कुछ घंटों के लिए टल गईं।
उत्तरकाशी जिला न्यायालय में भी हाई अलर्ट
नैनीताल के साथ-साथ उत्तरकाशी जिला न्यायालय में भी बम होने की सूचना से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जिला जज की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और खुफिया एजेंसियों (एलआईयू) की टीम मौके पर पहुंची। एहतियातन पूरे परिसर को खाली कराकर सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। कोर्ट परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन वकीलों और कर्मचारियों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।
ई-मेल की जांच और संदिग्ध मांगें
धमकी भरे ई-मेल में अजीबोगरीब मांगें की गई हैं। भेजने वाले ने तमिलनाडु में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आरक्षण को लागू करने से रोकने की बात कही है। ई-मेल भेजने वाले ने अपना नाम ‘LTTE-Pakistan ISI’ लिखा है। फिलहाल, साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। यह जांच की जा रही है कि क्या यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को कोर्ट परिसरों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।









