---Advertisement---

Hemkund Sahib Yatra 2026 : ग्लेशियर काटकर रास्ता बना रहे सेना के जवान, जानें कब खुलेंगे कपाट

---Advertisement---

चमोली, 01 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल श्री हेमकुण्ड साहिब (Hemkund Sahib Yatra 2026) की वार्षिक यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए भारतीय सेना के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। 15,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस दुर्गम क्षेत्र में भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच सेना की 418 इंडिपेंडेंट फील्ड कंपनी (9 माउंटेन ब्रिगेड) के जवान युद्धस्तर पर बर्फ हटाने का कार्य कर रहे हैं।

ताजा अपडेट के अनुसार, सेना और सेवादारों की संयुक्त टीम अटलकोटी ग्लेशियर की बाधा को सफलतापूर्वक पार कर अब मुख्य गुरुद्वारे से महज 1.5 किलोमीटर की दूरी पर पहुंच गई है।

दुर्गम चुनौतियों के बीच बर्फ काटने का काम जारी

घांघरिया और इसके ऊपरी इलाकों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी ने मार्ग तैयार करने की चुनौती को बढ़ा दिया है। इसके बावजूद, सेना के जवान सूबेदार के नेतृत्व में बर्फ की मोटी चादरों को काटकर तीर्थयात्रियों के लिए पैदल रास्ता तैयार कर रहे हैं। दुर्गम पहाड़ी ट्रेक पर जमी कई फीट बर्फ को हटाने का यह कार्य पूरी तरह मैन्युअल और जोखिम भरा है, जिसे सेना दशकों से निस्वार्थ भाव से करती आ रही है।

गोविंदघाट में मुख्य द्वार का नवीनीकरण

यात्रा के आधार शिविर गोविंदघाट में भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहाँ सेना के जवानों द्वारा मुख्य प्रवेश द्वार का रंग-रोगन कर उसे नया स्वरूप दिया जा रहा है। विशेष बात यह है कि यह मुख्य गेट सेना के जवान मदन सिंह की स्मृति में निर्मित है, जिन्होंने हेमकुण्ड साहिब की खोज और इसके मार्ग को विकसित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। आर्मी के भारी वाहनों की सहायता से इस प्रवेश द्वार को सजाने का काम किया जा रहा है।

23 मई को खुलेंगे कपाट, प्रशासन मुस्तैद

गुरुद्वारा श्री हेमकुण्ड साहिब और लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट शनिवार, 23 मई 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। यात्रा का आधिकारिक श्रीगणेश 20 मई को ऋषिकेश से पहले जत्थे की रवानगी के साथ होगा। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पेयजल, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

गुरुद्वारा श्री हेमकुण्ड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने सेना के समर्पण की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इतनी ऊंचाई पर सेवा और समर्पण की यह मिसाल बेमिसाल है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और पूरी तैयारी के साथ यात्रा पर आएं।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment