नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड के विकास की रफ्तार को दोगुना करने के लिए सीएम ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स की फाइलें प्रधानमंत्री के मेज पर रखीं।
धामी ने विशेष रूप से रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत ट्रेन को मेरठ से आगे बढ़ाकर हरिद्वार और ऋषिकेश तक लाने का अनुरोध किया। इससे दिल्ली-एनसीआर से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए देवभूमि की राह बेहद आसान हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कुमाऊं और गढ़वाल की कनेक्टिविटी को धार देने के लिए दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
मुलाकात के दौरान धामी ने हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों का जिक्र करते हुए 500 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। राजाजी नेशनल पार्क स्थित ऐतिहासिक ‘चौरासी कुटिया’ के विकास के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रुपये को उन्होंने पर्यटन के लिए टर्निंग पॉइंट बताया।
वेडिंग डेस्टिनेशन और टूरिज्म पर जोर
प्रधानमंत्री के ‘वेड इन इंडिया’ आह्वान को जमीन पर उतारते हुए धामी ने बताया कि उत्तराखंड में नई वेडिंग डेस्टिनेशन पॉलिसी तैयार की जा रही है। रामनगर और त्रियुगीनारायण के बाद अब चोपता, दुग्गलबिट्ठा और शारदा कॉरिडोर को इस सूची में शामिल किया जा रहा है।
सीएम ने टिहरी झील के पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए वहां सी-प्लेन सेवा शुरू करने की योजना भी साझा की। इसके साथ ही ऋषिकेश में बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड करने और देहरादून रिंग रोड जैसे प्रोजेक्ट्स पर केंद्र के सहयोग को सराहा।
चीन सीमा तक रेल नेटवर्क की तैयारी
सामरिक सुरक्षा और स्थानीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए धामी ने ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन के निर्माण पर जोर दिया। यह लाइन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ सेना के मूवमेंट के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगी।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट के व्यासी खंड का लोकार्पण जल्द करने और टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के लिए रोड-कम-रेल टनल की मांग भी प्रधानमंत्री के सामने रखी गई। पीएम मोदी ने इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए राज्य के विकास में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।









