देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी की सड़कों पर रात के सन्नाटे को चीरने वाले हुड़दंगियों और नशेबाजों के खिलाफ पुलिस ने ‘ऑपरेशन नाइट वॉच’ के जरिए सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों के बाद जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान न केवल दर्जनों वाहन सीज किए गए, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर अराजकता फैलाने वालों को सलाखों के पीछे भी भेजा गया।
पुलिस कप्तान ने साफ कर दिया है कि शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के नाम पर शहर का माहौल खराब करने वाले युवाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब पुलिस केवल चालान या गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। अगर कोई छात्र ग्रुप बनाकर हुड़दंग करता या अपराध में लिप्त पाया गया, तो पुलिस संबंधित यूनिवर्सिटी या कॉलेज को लिखकर उसका निष्कासन (Restication) सुनिश्चित कराएगी। यह कदम शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
बीती रात चली इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने नगर से लेकर देहात तक के सभी बॉर्डर चेक पोस्ट और आंतरिक मार्गों पर नाकेबंदी की। इस दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 कारों और 10 दुपहिया वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया। इसके अलावा, ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 14 अन्य वाहनों को भी कब्जे में लिया गया है।
चेकिंग के दौरान उन गाड़ियों पर विशेष नजर रही जिनमें अवैध रूप से हूटर और काले शीशे लगे हुए थे। नियमों के उल्लंघन पर 23 चालकों के खिलाफ एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई कर 11,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, 25 मामलों में कोर्ट के चालान भी किए गए। पूरी रात चले इस अभियान में कुल 1380 वाहनों की बारीकी से तलाशी ली गई।
सड़कों पर बेवजह घूम रहे 300 से अधिक लोगों को रोककर पुलिस ने कड़ी पूछताछ की। संदिग्ध पाए गए 48 व्यक्तियों को पुलिस सीधे थाने ले आई, जहां उनके रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने के आरोप में 5 अभियुक्तों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत 25 लोगों पर 12,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
देहरादून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है। यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के आसपास गुटबाजी करने वाले छात्रों को चिन्हित किया जा रहा है। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लगातार स्थान बदल-बदल कर औचक चेकिंग करें ताकि अराजक तत्वों में कानून का डर बना रहे।









