Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है, मार्च के आखिरी दिनों में जहां गर्मी दस्तक देती है, वहां इस बार बर्फबारी और बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर की ऊंची चोटियों पर सफेद चादर बिछ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह सिलसिला अभी रुकने वाला नहीं है।
अगले 24 घंटे राज्य के लिए काफी संवेदनशील हैं। उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मध्यम दर्जे की बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। 3300 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात की आशंका जताई गई है। मैदानी जिलों में भी छिटपुट बौछारें पड़ने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
28 मार्च को आंशिक राहत के बाद 29 मार्च से मौसम दोबारा उग्र रूप अख्तियार करेगा। विभाग ने साफ किया है कि 29 से 31 मार्च के बीच उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान बादलों की गर्जना और बिजली की चमक डरा सकती है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के ऊपरी हिस्सों में पहले ही दो से तीन फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है।
जिलावार मौसम का पूर्वानुमान (28 मार्च – 2 अप्रैल)
| जिला | मुख्य पूर्वानुमान | अलर्ट स्तर |
| उत्तरकाशी | भारी हिमपात एवं वर्षा | येलो अलर्ट |
| चमोली | बर्फबारी (3300m+) | येलो अलर्ट |
| रुद्रप्रयाग | हल्की से मध्यम बारिश | सतर्क रहें |
| देहरादून | गरज-चमक के साथ बौछारें | सामान्य |
| पिथौरागढ़ | तीव्र बारिश एवं बर्फबारी | येलो अलर्ट |
| नैनीताल | ओलावृष्टि की संभावना | सतर्क रहें |
| हरिद्वार | छिटपुट बारिश/बादल | सामान्य |
डिफेंस जियोइंफॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE) ने भी ऊंचाई वाले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरकाशी और चमोली जैसे जिलों में एवलांच (हिमस्खलन) का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। बीआरओ (BRO) की टीमें बर्फ हटाने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी काम में बाधा डाल रही है।
1 और 2 अप्रैल को भी मौसम का मिजाज तल्ख बना रहेगा। पहाड़ी जिलों में छिटपुट बारिश और चोटियों पर बर्फबारी का दौर जारी रहेगा। अप्रैल की शुरुआत इस बार ठंडी होने वाली है। किसानों के लिए यह मौसम चिंता का सबब बन सकता है, क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।









