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सावधान! देहरादून में बदल गया रात की चेकिंग का तरीका, बेवजह घूमने वालों की अब खैर नहीं

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देहरादून। राजधानी की सड़कों पर रात के अंधेरे में हुड़दंग मचाने और रफ़्तार का शौक पालने वालों के खिलाफ दून पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर शुरू हुए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नाइट वॉच’ ने शुक्रवार की रात शहर से लेकर देहात तक हड़कंप मचा दिया।

पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अचानक नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू की, जिसमें न सिर्फ शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले धरे गए, बल्कि रसूख दिखाने वाले हूटर धारकों पर भी सख्त कार्रवाई हुई।

एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के सख्त तेवरों के बाद सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस का मुख्य फोकस उन छात्रों और युवाओं पर है जो शिक्षण संस्थानों के आसपास गुटबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। शहर के आंतरिक मार्गों से लेकर जिले की सीमाओं तक पुलिस ने जगह बदल-बदल कर जाल बिछाया, ताकि अपराधी या हुड़दंगी बचकर न निकल सकें।

रात भर चली इस कार्रवाई में पुलिस ने शराब पीकर स्टीयरिंग संभालने वाले 42 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें 15 चौपहिया और 27 दोपहिया वाहन शामिल हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया।

इसके अलावा, सड़कों पर स्टंट दिखाने और ओवरस्पीडिंग करने वाली 45 अन्य गाड़ियों को भी जब्त किया गया। नियम तोड़ने वाले 80 चालकों पर एमवी एक्ट के तहत 46,000 रुपये का जुर्माना ठोका गया और 96 कोर्ट चालान भी किए गए।

आंकड़ों की बात करें तो पुलिस ने एक ही रात में 1580 वाहनों की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान 1650 से अधिक लोगों से उनकी मौजूदगी का कारण पूछा गया और उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया गया।

बेवजह सड़कों पर घूम रहे 400 लोगों को पुलिस ने रोककर कड़ी पूछताछ की। इसमें से 64 संदिग्ध ऐसे मिले जिन्हें धारा 172 BNSS के तहत थाने लाया गया, जबकि 38 लोगों पर पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत 9500 रुपये का दंड लगाया गया।

पुलिस की यह रणनीति ‘ब्रोकन रिदम’ चेकिंग पर आधारित है, जहां फिक्स चेकपोस्ट के बजाय अचानक अलग-अलग जगहों पर बैरियर लगाए जा रहे हैं। देहरादून पुलिस के मुताबिक, यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि रात के समय शांति व्यवस्था भंग करने वालों और नशे की हालत में वाहन चलाकर दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है।

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