देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में भारतीय जनता पार्टी ने अभी से 2027 के विधानसभा चुनावों की बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को देहरादून के बलबीर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में नए परिसर का विस्तार किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हवन-पूजन कर नए कार्यालय खंड का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि वर्तमान परिसर भाजपा के लिए बेहद शुभ रहा है। यहीं से पार्टी ने पिछली जीत दर्ज की थी और अब 2027 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जीत की हैट्रिक लगाने की बारी है।
संगठनात्मक ढांचा और चुनावी चुनौतियां
भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कार्यालय को ‘मंदिर’ की संज्ञा दी। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान बूथ प्रबंधन, कानूनी कार्यों, चुनाव घोषणा पत्र तैयार करने और प्रचार सामग्री के वितरण जैसे कई जटिल कार्यों के लिए अधिक स्थान की जरूरत थी।
इसी तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए परिसर का विस्तार किया गया है। भट्ट का मानना है कि व्यवस्थित प्रबंधन ही चुनावों में जीत की गारंटी देता है। कार्यक्रम में संगठन महामंत्री अजेय कुमार और राज्यसभा सांसद नरेश बंसल सहित कई दिग्गज चेहरे मौजूद रहे।
कैबिनेट विस्तार और बजट का ‘बूस्टर डोज़’
पार्टी की यह सक्रियता महज कार्यालय विस्तार तक सीमित नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि हाल ही में धामी सरकार ने अपनी कैबिनेट का विस्तार कर क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है।
इसके साथ ही, सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम बजट पेश कर अपनी विकासवादी छवि को पुख्ता किया है। भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस के उस नैरेटिव से है, जिसमें विपक्ष एंटी-इंकंबेंसी और स्थानीय मुद्दों को हवा दे रहा है। ऐसे में भाजपा का यह नया वार रूम विपक्ष की हर चाल का जवाब देने के लिए तैयार किया गया है।
दिग्गजों का जमावड़ा और जीत का संकल्प
हवन-पूजन के इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर और महापौर सौरभ थपलियाल ने भी शिरकत की। प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, कार्यालय सचिव जगमोहन रावत और युवा मोर्चा अध्यक्ष विपुल मेंदोली भी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि नए परिसर में आईटी सेल और सोशल मीडिया विंग के लिए आधुनिक सेटअप तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद ग्राउंड जीरो से आने वाली सूचनाओं को सीधे नेतृत्व तक पहुंचाना और विपक्षी हमलों का तुरंत जवाब देना है।









