रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में गैस एजेंसियों की मनमानी और कालाबाजारी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी तंत्र की आंखों में धूल झोंक दी। ताज्जुब की बात यह है कि इस बार ठगी का शिकार कोई आम आदमी ही नहीं, बल्कि खुद क्षेत्र के भाजपा विधायक शिव अरोड़ा हुए हैं।
विधायक की पत्नी के गैस कनेक्शन पर बिना किसी अनुरोध के बुकिंग की गई और देखते ही देखते मोबाइल पर डिलीवरी सफल होने का मैसेज भी फ्लैश हो गया।
विधायक शिव अरोड़ा ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जब एजेंसी पर धावा बोला, तो वहां पहले से ही आक्रोशित उपभोक्ताओं का हुजूम मौजूद था। जांच में पता चला कि 18 मार्च को विधायक की पत्नी सीमा अरोड़ा के नाम पर फर्जी तरीके से गैस बुक की गई थी। परिवार ने न तो कोई कॉल की थी और न ही ऑनलाइन आवेदन, फिर भी कागजों में सिलेंडर डिलीवर दिखा दिया गया। यह सीधे तौर पर गैस चोरी और सब्सिडी हड़पने का बड़ा रैकेट नजर आ रहा है।
विधायक के साथ हुई इस धोखाधड़ी ने सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। विधायक शिव अरोड़ा ने तीखे लहजे में कहा कि जब एक जन-प्रतिनिधि के घर की गैस चोरी हो सकती है, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब जनता के चूल्हे जलते रहें इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है, लेकिन एजेंसियां कालाबाजारी कर सरकार की छवि धूमिल कर रही हैं।
एजेंसी पर हंगामा कर रहे उपभोक्ताओं में अशोक कुमार आर्य, राम किशोर, आनंद कुमार और रविंद्र कुमार सहित कई लोग शामिल थे। इन लोगों का आरोप है कि जब वे अपनी बारी पर गैस बुक करने जाते हैं, तो उन्हें ‘नेक्स्ट बुकिंग डेट’ उपलब्ध नहीं होने का मैसेज मिलता है। इसका मतलब है कि उनके हिस्से का सिलेंडर एजेंसी संचालक पहले ही ऊंचे दामों पर बाहर बेच चुके होते हैं।
मौके की नजाकत को देखते हुए तहसीलदार दिनेश कुटेला और खाद्य आपूर्ति निरीक्षक मलकित सिंह ने दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है। विधायक ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि संबंधित गैस एजेंसी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
जिलाधिकारी के माध्यम से अब इस पूरे सिंडिकेट की जांच की जा रही है कि आखिर यह फर्जीवाड़ा कितने समय से और किन-किन उपभोक्ताओं के साथ चल रहा था।
भारत में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए ‘पहल’ (PAHAL) जैसी योजनाएं लागू हैं, जिसमें सब्सिडी सीधे खाते में जाती है। हालांकि, रुद्रपुर के इस मामले ने साबित किया है कि सॉफ्टवेयर और ओटीपी सिस्टम के बावजूद जमीनी स्तर पर बुकिंग में सेंधमारी जारी है। यदि किसी उपभोक्ता को बिना बुकिंग के डिलीवरी मैसेज आता है, तो वे तुरंत ‘उज्ज्वला’ हेल्पलाइन या जिला पूर्ति कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।









