Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड के आसमान में बादलों की लुका-छिपी के बीच मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है. मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के नौ पर्वतीय जनपदों में अगले 24 घंटों के लिए भारी उलटफेर का अनुमान जताया है. उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में गरज के साथ मध्यम बारिश की आशंका है.
पहाड़ों पर कुदरत का दोहरा असर देखने को मिल सकता है. एक तरफ जहां निचले इलाकों में बौछारें पड़ेंगी, वहीं 3300 मीटर या उससे अधिक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अंदेशा है. मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है.
राजधानी देहरादून में भी रविवार को मौसम के तेवर तल्ख रह सकते हैं. शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कहीं-कहीं गर्जना के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. यहां हवाओं की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे रह सकती है, जबकि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की उम्मीद है.
मैदानी जिलों में फिलहाल तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में पारे में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 2-3 दिनों तक तापमान में कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिलेगा. टिहरी, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे जिलों में भी स्थानीय स्तर पर मौसम का मिजाज बदलता रहेगा.
खराब मौसम की चेतावनी के बीच शासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है. प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करने की हिदायत दी है. बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे सड़क मार्ग बाधित होने की प्रबल आशंका रहती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से चारधाम यात्रा रूट पर भी असर पड़ सकता है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बीआरओ और लोक निर्माण विभाग की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट पर रखा गया है.









