देहरादून। राजधानी के रायपुर थाने में पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की मौत के मामले में खाकी की साख पर उठ रहे सवालों के बीच एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बड़ी कार्रवाई की है। 28 मार्च की रात हुई इस घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किए गए उप-निरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, डालनवाला थाने से ड्यूटी पर भेजे गए इस सब-इंस्पेक्टर ने पद की गरिमा के विपरीत आचरण किया, जिसके चलते उन पर यह गाज गिरी है।
रायपुर थाने में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यह कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले एसएसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में रायपुर थाना प्रभारी (SHO) समेत चार पुलिसकर्मियों को पहले ही लाइन हाजिर कर दिया था।
अब इस सूची में पांचवां नाम सब-इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार सिंह का जुड़ गया है। विभाग के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि पुलिस इस संवेदनशील मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के गंभीर आरोप
मृतक सुनील रतूड़ी के शव का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा संपन्न कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्राथमिक तौर पर मौत की वजह ‘हैंगिंग’ यानी फांसी लगाना बताई गई है। हालांकि, मृतक के परिजन पुलिस के इस दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं।
परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि पुलिस हिरासत में हुई मौत है। उन्होंने मांग की है कि घटना के वक्त थाने में मौजूद रहे सभी पुलिसकर्मियों के नाम सार्वजनिक किए जाएं और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
विवाद की जड़ और आधी रात का घटनाक्रम
पूरे मामले की शुरुआत 28 मार्च की रात को हुई, जब पुलिस को ‘112’ नंबर पर एक शिकायत मिली थी। सूचना थी कि एक व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पेट्रोल पंप पर हंगामा कर रहा है और पैसे देने से इनकार कर रहा है। रायपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुनील रतूड़ी को हिरासत में लिया और थाने ले आई।
पुलिस का दावा है कि लॉकअप के भीतर सुनील ने कंबल का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जब तक पुलिसकर्मी उसे कोरोनेशन अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ज्यूडिशियल इंक्वायरी और फॉरेंसिक जांच
मामले की संवेदनशीलता और परिजनों की आशंकाओं को देखते हुए पुलिस ने अब वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया है। डॉक्टरों ने मृतक का विसरा सुरक्षित कर लिया है, जिसे जांच के लिए स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जाएगा। वहीं, पूरे प्रकरण की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा ज्यूडिशियल इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









