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अल्मोड़ा: जंगल गए बुजुर्ग को बाघ ने बनाया निवाला, क्षत-विक्षत शव देख दहल उठा गांव

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अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट ब्लॉक में बाघ के आतंक ने एक और हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे मोहान रेंज के तड़म (बेलम) गांव में मंगलवार सुबह एक आदमखोर बाघ ने 60 वर्षीय बुजुर्ग खीम सिंह को बेरहमी से मार डाला।

खीम सिंह रोजाना की तरह सुबह करीब 7 बजे घर से पास के ही जंगल में लकड़ी और घास लेने निकले थे। आमतौर पर वह 10 बजे तक घर लौट आते थे, लेकिन जब 11 बजे तक उनका कोई अता-पता नहीं चला, तो उनकी पत्नी मुन्नी देवी की चिंता बढ़ गई। उन्होंने ग्रामीणों को सूचित किया, जिसके बाद तलाशी अभियान शुरू हुआ।

ग्रामीणों को घर से कुछ ही दूरी पर जमीन पर खून के ताजे धब्बे दिखाई दिए। इन निशानों का पीछा करते हुए जब ग्रामीण घने जंगल के भीतर करीब एक किलोमीटर दूर पहुंचे, तो वहां का नजारा दिल दहला देने वाला था। खीम सिंह का शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हालत में पड़ा था।

बाघ ने बुजुर्ग के शरीर के मध्य हिस्से को पूरी तरह खा लिया था। मौके पर केवल उनके पैर और सिर ही अवशेष के रूप में बचे मिले। इस भयावह मंजर को देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर फैल गया। खीम सिंह के परिवार में पत्नी और एक बहू के अलावा दो बेटे हैं, जो बाहर निजी नौकरी करते हैं।

घटना की सूचना मिलते ही मोहान रेंज के रेंजर गंगा शरण अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ एसडीम रिंकु बिष्ट और तहसीलदार आबिद अली भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे। वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

तड़म गांव और आसपास के इलाकों में बाघ का यह कोई पहला हमला नहीं है। करीब तीन महीने पहले दिसंबर में भी यहां से 20 किलोमीटर दूर खोल्यो क्यारी गांव में एक बुजुर्ग महिला को बाघिन ने मार डाला था। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।

वर्तमान में वन विभाग ने आदमखोर को पकड़ने के लिए ट्रेंकुलाइजिंग गन, पिंजरा और ड्रोन की मदद ली है। कॉर्बेट के बफर जोन से सटे होने के कारण इन दिनों बाघों की मूवमेंट आबादी वाले क्षेत्रों में काफी बढ़ गई है। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स का मानना है कि गर्मियों की शुरुआत में पानी और शिकार की तलाश में हिंसक जानवर रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं।

वन क्षेत्राधिकारी गंगा शरण ने बताया कि इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और शाम ढलने के बाद घरों से बाहर निकलने में अत्यधिक सावधानी बरतें।

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