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नैनीताल : शर्मिंदगी बनी जानलेवा, बिंदुखत्ता में वीडियो वायरल होने के बाद युवक ने खाया जहर

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बिंदुखत्ता, 31 मार्च 2026 ((द ऑनलाइन पोस्ट))। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के बिंदुखत्ता क्षेत्र में सोशल मीडिया की संवेदनहीनता ने एक हंसते-खेलते युवक की जान ले ली। रावत नगर निवासी दीपक ने समाज में हुई बदनामी और मानसिक दबाव के चलते मौत को गले लगा लिया।

घटना की जड़ में एक वह वीडियो है, जिसे कुछ ग्रामीणों ने दीपक की स्कूटी रोककर बनाया था। परिजनों के मुताबिक, दीपक बाजार से लौट रहा था तभी रास्ते में कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और जबरन स्कूटी की डिग्गी खुलवाई।

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डिग्गी के भीतर कच्ची शराब के कुछ टेट्रा पैक रखे थे, जिसका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर सार्वजनिक कर दिया गया। यह वीडियो देखते ही देखते जंगल की आग की तरह फैल गया, जिससे दीपक गहरे सदमे में चला गया।

दीपक ने जहर खाने से पहले अपने रिश्तेदारों से भी इस अपमान को लेकर चर्चा की थी। उसने घर पर ही सल्फास गटक लिया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में हल्द्वानी के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

बिंदुखत्ता पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है। कोतवाल बृजमोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि अभी तक परिजनों की ओर से औपचारिक तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पुलिस वीडियो बनाने और उसे वायरल करने वालों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

दूसरी ओर, हल्द्वानी के बहुचर्चित नितिन लोहनी हत्याकांड में पुलिस ने अपनी तफ्तीश पूरी कर ली है। पार्षद अमित बिष्ट द्वारा 4 जनवरी 2026 को की गई इस हत्या के मामले में चार्जशीट अब कोर्ट पहुंचने के लिए तैयार है।

एसपी सिटी मनोज कत्याल ने पुष्टि की है कि अगले 48 घंटों के भीतर सीजेएम कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा। इस चार्जशीट में चश्मदीदों के बयानों के साथ-साथ फॉरेंसिक रिपोर्ट और बरामद हथियार को मुख्य आधार बनाया गया है।

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नितिन लोहनी की हत्या उस वक्त हुई थी जब वह जज फार्म स्थित पार्षद के घर अपने मित्र (पार्षद के बेटे) से मिलने गया था। मामूली विवाद के बाद अमित बिष्ट ने गोली चला दी थी, जिससे नितिन की मौत हो गई थी।

पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी है ताकि आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके। वर्तमान में मुख्य आरोपी पार्षद और उसका बेटा दोनों ही जेल की सलाखों के पीछे हैं और अब कानूनी प्रक्रिया तेज होने वाली है।

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