देहरादून, 01 अप्रैल 2026 (द ऑनलाइन पोस्ट)। उत्तराखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने साफ कर दिया है कि इस साल आपकी जेब पर बिजली के बिल का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नए टैरिफ का ऐलान करते हुए घरेलू और कमर्शियल समेत किसी भी श्रेणी में दरों को नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है।
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दिलचस्प बात यह है कि ऊर्जा निगम (UPCL) ने घाटे और खर्चों का हवाला देकर दरों में 17.40% की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। यदि इसमें यूजेवीएनएल और पिटकुल के प्रस्तावों को भी जोड़ दिया जाता, तो यह इजाफा करीब 18.86% तक पहुंच जाता। हालांकि, आयोग ने गहन परीक्षण के बाद पाया कि यूपीसीएल ने केंद्र से मिलने वाली ग्रांट को भी लोन के रूप में दिखाया था, जिसे आयोग ने अमान्य करार देते हुए जनता को बड़ी राहत दी।
आयोग ने इस बार सबसे बड़ा तोहफा ग्रुप हाउसिंग अपार्टमेंट और फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को दिया है। अब तक बिल्डरों और रेजिडेंट्स के बीच बिजली बिल की वसूली को लेकर होने वाले विवादों पर लगाम लगाने के लिए आयोग ने सिंगल प्वाइंट बल्क सप्लाई की दरों में भारी कटौती की है।
पहले यह दर ₹7.50 प्रति यूनिट थी, जिसे अब घटाकर ₹6.25 कर दिया गया है। इसका सीधा फायदा देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल जैसे शहरों के हाई-राइज अपार्टमेंट्स में रहने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आयोग ने चालू वित्त वर्ष के लिए ₹12,489.54 करोड़ का राजस्व लक्ष्य (ARR) निर्धारित किया है। आयोग का अनुमान है कि वर्तमान दरों पर ही विभाग को करीब ₹100.87 करोड़ का सरप्लस (मुनाफा) होगा, इसलिए जनता पर बोझ डालने की कोई जरूरत नहीं है। उद्योगों के लिए भी राहत की खबर है; हाई-वोल्टेज इस्तेमाल करने वाले जिन उद्योगों का लोड फैक्टर 50% से अधिक होगा, उन्हें विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने रियायतों का पिटारा खुला रखा है। अगर आप ऑनलाइन बिजली बिल जमा करते हैं, तो आपको 1.5% की छूट मिलेगी।
इसके अलावा, तय समय पर भुगतान करने वाले अन्य उपभोक्ताओं को 1% की कटौती का लाभ मिलेगा। प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह साल और भी किफायती होगा, क्योंकि उन्हें सीधे 4% की छूट दी जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रीपेड मीटर लगवाने वालों से कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट भी नहीं लिया जाएगा।
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होटल और रेस्तरां कारोबारियों के लिए भी टैरिफ में लचीलापन लाया गया है। पर्यटन के ऑफ-सीजन के दौरान इन प्रतिष्ठानों को बिजली बिल में राहत देने की व्यवस्था की गई है, जिससे राज्य के पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई हैं।









