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नैनीताल में 10 अप्रैल से डिजिटल जनगणना का आगाज, मोबाइल ऐप पर देने होंगे इन 33 सवालों के जवाब

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नैनीताल, 3 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में आधुनिक तकनीक के साथ जनगणना 2027 की नींव रखने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जिले के एडीएम (वित्त) और जिला जनगणना अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने स्पष्ट किया है कि 10 अप्रैल से मकान सूचीकरण (House Listing) का कार्य डिजिटल मोड में शुरू हो जाएगा।

इस बार की जनगणना में कागजी खानापूर्ति के बजाय नागरिकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जहां उन्हें सरकारी पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए अपनी जानकारी खुद साझा करनी होगी।

प्रशासन ने इस प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया है। पहले चरण के तहत 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक की समयावधि तय की गई है, जिसमें प्रत्येक परिवार को ऑनलाइन माध्यम से 33 विशिष्ट सवालों के जवाब देने होंगे। इन सवालों में परिवार द्वारा खाए जाने वाले मुख्य अनाज से लेकर घर की छत, दीवार और फर्श में इस्तेमाल की गई सामग्री तक का विस्तृत विवरण शामिल है। नागरिकों को se.census.gov.in पर जाकर अपना लॉगिन करना होगा।

25 अप्रैल से जनगणना का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होगा। इस दौरान सरकारी प्रगणक (Enumerators) सीधे आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे। 24 मई तक चलने वाले इस चरण में उन आंकड़ों का मिलान किया जाएगा जो लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल पर भरे होंगे। जिला प्रशासन ने प्रगणकों की तैनाती के लिए माइक्रो-प्लानिंग तैयार की है, जिसमें एक प्रगणक को औसतन 700 से 800 की आबादी या करीब 150 से 200 घरों का जिम्मा सौंपा गया है।

इस बार की जनगणना की पहुंच केवल मुख्य शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। एडीएम नेगी ने निर्देश दिए हैं कि वन खत्तों, सुदूर वन ग्रामों और खनन क्षेत्रों में अस्थाई रूप से रहने वाली झुग्गी-झोपड़ियों को भी इस सूचीकरण में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। नगर निगम क्षेत्रों में जनगणना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित निगम प्रशासन की होगी, जबकि नगर पालिकाओं और पंचायतों में अधिशासी अधिकारियों को ‘चार्ज अधिकारी’ नियुक्त किया गया है।

जनगणना प्रपत्र में शामिल 33 सवालों की सूची काफी लंबी और विस्तृत है। इसमें परिवार के मुखिया का लिंग, जाति, मकान के स्वामित्व की स्थिति, और कमरों की संख्या जैसे बुनियादी तथ्यों के अलावा जीवन स्तर से जुड़े सवाल भी शामिल हैं। प्रशासन जानना चाहता है कि आपके पास पेयजल का स्रोत क्या है, शौचालय की सुविधा कैसी है और खाना पकाने के लिए आप एलपीजी, पीएनजी या किसी अन्य ईंधन का उपयोग करते हैं।

तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जनगणना के दौरान आपसे यह भी पूछा जाएगा कि क्या आपके पास रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन या कोई वाहन (साइकिल से लेकर कार तक) मौजूद है। मोबाइल नंबर केवल आधिकारिक सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए लिया जा रहा है। यह डेटा नैनीताल जिले के भविष्य के नियोजन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगा।

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