देहरादून, 03 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद उत्तराखंड में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए शुरू हुआ “Operation Prahar” अब देहरादून की सड़कों पर अपना प्रचंड रूप दिखा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के नेतृत्व में जिले की पुलिस ने बीती रात एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला, जिससे नशे के सौदागरों और शांति भंग करने वालों में हड़कंप मच गया।
एसपी सिटी और एसपी देहात ने खुद कमान संभालते हुए देर रात तक नशे के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने कुल 14 संदिग्धों को 172 BNSS के तहत हिरासत में लेकर उनकी कुंडली खंगाली। सड़कों पर बिना किसी ठोस कारण के घूम रहे 900 से अधिक लोगों को रोककर उनसे गहन पूछताछ की गई। अनुशासन का डंडा चलाते हुए पुलिस ने 99 लोगों के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट में चालान काटकर ₹24,750 का मौके पर जुर्माना वसूला।
हुड़दंगियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए डालनवाला और प्रेमनगर पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शांति व्यवस्था बिगाड़ रहे 07 लोगों को 170 BNSS के तहत सलाखों के पीछे भेज दिया। गिरफ्तार होने वालों में गौरव, आयुष, अकरम और मंतोष (प्रेमनगर) के साथ-साथ अमित मोहन, रोहित कुमार और अनिल कुमार सिंह (डालनवाला) शामिल हैं। पुलिस की यह सख्त कार्रवाई संदेश दे रही है कि शहर की शांति से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
नशे के खिलाफ प्रहार करते हुए डोईवाला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सुनील साहनी और अर्जुन नाम के दो तस्करों को 52-52 टेट्रा पैक अवैध देशी शराब (माल्टा) के साथ दबोचा। वहीं, खैरी प्रथम निवासी रंजीत सिंह को 310 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इन तस्करों के बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही है ताकि नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ने वाले नशेड़ी चालकों पर भी पुलिस का कहर टूटा। शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 21 चालकों को गिरफ्तार कर उनके वाहनों को तुरंत सीज कर दिया गया। यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 109 चालकों से ₹72,500 का जुर्माना वसूला गया, जबकि ओवरलोडिंग और गंभीर उल्लंघन के मामले में 48 अन्य वाहनों को भी पुलिस ने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने पीजी और हॉस्टल में भी दस्तक दी। सत्यापन नियमों की अनदेखी करने वाले 09 संस्थान मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। किरायेदारों और छात्रों का पुलिस वेरिफिकेशन न कराने पर इन मालिकों के 83 पुलिस एक्ट में चालान किए गए और कुल ₹90,000 का भारी-भरकम जुर्माना थोपा गया। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।









