देहरादून, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वालों और खाकी की साख पर बट्टा लगाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ आईजी गढ़वाल ने आर-पार की जंग छेड़ दी है।
पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गढ़वाल रेंज, श्री राजीव स्वरूप ने शनिवार को एसएसपी देहरादून और जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारियों के साथ मैराथन बैठक की। उन्होंने साफ कर दिया कि अगर अपराध की रोकथाम में कोई भी ढिलाई मिली, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
आईजी ने मीटिंग के दौरान कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ‘ऑपरेशन प्रहार’ को धार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ होना चाहिए और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करें, यही पुलिसिंग की पहली प्राथमिकता है। जिले के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क को और अधिक विस्तार देने की योजना पर मुहर लगाई गई है।
क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर आईजी ने सख्त लहजे में कहा कि रात के वक्त सड़कों पर सन्नाटा नहीं, बल्कि पुलिस की मौजूदगी दिखनी चाहिए। उन्होंने चीता मोबाइल यूनिट्स को सुनसान सड़कों पर लगातार गश्त करने के आदेश दिए हैं। मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के समय के साथ-साथ स्कूल खुलने और बंद होने के दौरान पुलिसकर्मियों को फील्ड में रहकर बच्चों और जनता से सीधा संवाद करना होगा।
राजधानी में बाहरी व्यक्तियों के बढ़ते दखल को देखते हुए व्यापक सत्यापन अभियान (Verification Drive) चलाने का फैसला लिया गया है। आईजी ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी घर, गली या मोहल्ला सत्यापन से छूटना नहीं चाहिए। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए पुलिस को चेकिंग पॉइंट्स लगातार बदलने की हिदायत दी गई है ताकि अपराधी पुलिस की लोकेशन को चकमा न दे सकें।
भू-माफियाओं और नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस अब और अधिक आक्रामक रुख अपनाएगी। आईजी ने स्पष्ट किया कि बड़े अपराधियों को चिन्हित कर सीधे जेल भेजा जाए और उनकी अवैध संपत्तियों पर भी नजर रखी जाए। इसके साथ ही साइबर सेल को हाई-टेक बनाने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देहरादून की सबसे बड़ी समस्या ‘ट्रैफिक’ को लेकर भी आईजी ने सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों को केवल ऑफिस में बैठने के बजाय खुद सड़कों पर उतरकर ड्यूटियों का निरीक्षण करने को कहा है।
शहर के बॉटलनेक पॉइंट्स (जहां सबसे ज्यादा जाम लगता है) को चिन्हित कर उन्हें खत्म करने का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एसएसपी देहरादून सहित जिले के तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।









