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देहरादून में पुलिस का महा-सत्यापन अभियान, 43 हजार बाहरी लोगों की हुई जांच, करोड़ों का जुर्माना वसूला

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देहरादून, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए दून पुलिस ने बाहरी राज्यों से आकर रहने वाले संदिग्धों और अपराधियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ‘सत्यापन प्रहार’ किया है।

एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में पिछले डेढ़ महीने से चल रहे ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ ने शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर मलिन बस्तियों तक में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि बिना सत्यापन के शहर में किसी भी बाहरी व्यक्ति को पनाह देना अब जेल की हवा खिला सकता है।

पुलिस टीमों ने इस मेगा ड्राइव के दौरान नगर और देहात क्षेत्रों में स्थित 342 अपार्टमेंट्स और 59 गेटेड कॉलोनियों में सघन चेकिंग की। करीब 30 हजार से अधिक घरों की कुंडी खटखटाकर वहां रह रहे किराएदारों, घरेलू नौकरों और निजी कर्मचारियों के दस्तावेजों को खंगाला गया। आंकड़ों के मुताबिक, कुल 43,499 बाहरी व्यक्तियों का वेरिफिकेशन किया गया है, जिनमें से 4,466 लोग संदिग्ध पाए गए।

चौंकाने वाली बात यह है कि रायपुर क्षेत्र में पुलिस ने 3 विदेशी महिलाओं को अवैध रूप से रहते हुए गिरफ्तार किया है, जिनके पास भारत में रहने के कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। इतना ही नहीं, रायवाला और कैंट थाना क्षेत्रों में पुलिस ने 7 ऐसे अभियुक्तों को भी दबोचा है जो गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे। इस पूरे अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 73 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा है।

नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले मकान मालिकों पर भी पुलिस ने आर्थिक चोट की है। कुल 2,596 ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों की पहचान हुई जिन्होंने अपने किराएदारों या नौकरों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था।

इन सभी पर 83 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए ₹2,59,60,000 का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने और संदिग्ध पाए जाने वाले 1,805 लोगों का 81 पुलिस एक्ट में चालान किया गया।

विशेष बात यह है कि उत्तराखंड में लागू ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) के नए प्रावधानों के तहत अब किराएदारों का पंजीकरण और सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह अभियान न केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए है, बल्कि उन लोगों को भी सचेत करने के लिए है जो सत्यापन प्रक्रिया को हल्के में लेते हैं।

एसएसपी ने साफ किया है कि यह अभियान अभी थमा नहीं है और आने वाले दिनों में गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं और पीजी (PG) आवासों पर और भी कड़ी नजर रखी जाएगी।

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