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देवभूमि में खत्म हुआ पुलिस का खौफ? राजीव महर्षि ने कानून व्यवस्था पर उठाए तीखे सवाल

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देहरादून, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता और मीडिया कोऑर्डिनेशन कमेटी के प्रमुख राजीव महर्षि ने राज्य की चरमराती कानून व्यवस्था को लेकर धामी सरकार की कड़ी घेराबंदी की है। महर्षि ने दोटूक शब्दों में कहा कि एक के बाद एक हो रही दुर्दांत घटनाओं ने उत्तराखंड को सर्वाधिक आपराधिक वारदातों वाला राज्य बना दिया है।

कांग्रेस नेता ने सरकार के ‘चार साल बेमिसाल’ के दावों को धरातल से कोसों दूर बताया। उन्होंने कहा कि जहाँ सरकार अपनी उपलब्धियों का ढोल पीट रही है, वहीं प्रदेश में अपराधों की बाढ़ आई हुई है। महर्षि के अनुसार, उत्तराखंड अब केवल हिमालयी राज्यों में ही नहीं, बल्कि जनसंख्या के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश को भी अपराध के मामले में पीछे छोड़ रहा है।

राजीव महर्षि ने पुलिस के घटते इकबाल पर चिंता जताते हुए इसे सीधे तौर पर सरकार की विफलता से जोड़ा। उन्होंने हाल ही में रिटायर ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की आपराधिक तत्वों द्वारा की गई हत्या का जिक्र किया। महर्षि ने सवाल उठाया कि अगर राज्य में पुलिस का डर होता, तो हथियारबंद अपराधी इस तरह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम नहीं दे पाते।

विशेषज्ञ आंकड़ों और एनसीआरबी (NCRB) के हालिया रुझानों को देखें तो उत्तराखंड में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। विशेषकर देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में संगठित अपराध और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाएं अब दिनचर्या का हिस्सा बनती जा रही हैं।

कांग्रेस नेता ने सरकार की आबकारी नीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व के लालच में जनता की इच्छा के विरुद्ध 65 नई शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। देर रात तक खुली रहने वाली ये दुकानें अपराधियों का अड्डा बन गई हैं, जिससे देवभूमि की शांति भंग हो रही है।

महर्षि ने भविष्य की चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि दून एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद स्थिति और विकट हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से देहरादून की दूरी कम होने के कारण बाहरी अपराधियों की आवाजाही बढ़ेगी। उन्होंने अंकिता हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना के बाद से वारदातों का सिलसिला थमा नहीं है।

महर्षि ने सरकार को चेतावनी दी कि ‘मित्र पुलिस’ का लबादा छोड़कर पेशेवर ढंग से काम करने की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि पुलिस को अपराधियों पर लगाम कसने के लिए ‘फ्री हैंड’ दिया जाए। यदि सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए विवश होगी।

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