देहरादून, 1 मई (दून हॉराइज़न)। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक अरविंद पांडे (Arvind Pandey) के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित पत्र को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि यह पत्र कूट रचित (Forged) है और इसमें लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि विधायक की ओर से पार्टी के संज्ञान में ऐसा कोई पत्र या शिकायत आधिकारिक तौर पर नहीं दी गई है।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस बिना किसी पुष्टि के इस पत्र को आधार बनाकर भ्रांतियां फैला रही है। भाजपा नेतृत्व इस गंभीर मामले में विधायक अरविंद पांडे से बातचीत कर उनका पक्ष जानेगा। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा एक कैडर आधारित अनुशासित पार्टी है और यदि इस प्रकरण में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता या संलिप्तता पाई गई, तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर निशाना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा की बयानबाजी पर पलटवार करते हुए मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि विपक्षी दल को दूसरों को ज्ञान देने के बजाय अपना घर संभालने की जरूरत है। चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता एक-दूसरे के लिए ‘उजयाड़ु बैल’, ‘स्लीपिंग सेल’ और ‘जहरीले’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने तंज कसा कि जिस पार्टी के नेता अपने ही प्रभारी पर टिकट बेचने के आरोप लगाते हों, उन्हें भाजपा की अनुशासन व्यवस्था पर टिप्पणी करना शोभा नहीं देता।
चौहान ने आगे कहा कि कांग्रेस के आपसी झगड़ों और मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हैं। राज्य में कांग्रेस के लगभग तीन चौथाई नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़ चुके हैं। भाजपा प्रवक्ता ने दोहराया कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान के प्रति संवेदनशील है, लेकिन समय आने पर कड़े निर्णय लेने से भी पीछे नहीं हटेगी। इस मामले में भी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व शीघ्र ही उचित निर्णय लेगा।









