देहरादून, 7 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। (Uttarakhand Weather Update) उत्तराखंड में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने मई की तपती गर्मी के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। देहरादून, मसूरी और नैनीताल सहित कुमाऊं और गढ़वाल के कई हिस्सों में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को राज्य के पर्वतीय जनपदों के लिए हल्की से मध्यम बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान जताया है।
मैदानों में सुहाना मौसम, पहाड़ों में बढ़ी ठिठुरन
बुधवार दोपहर बाद अचानक हुए मौसम परिवर्तन का असर राज्यभर में देखा गया। देहरादून और मसूरी में कई दौर की बारिश के साथ ओले गिरने से दिन के समय भी अंधेरा छा गया। इस बदलाव से मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में औसतन तीन डिग्री, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में छह डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। तापमान गिरने से लोगों को मई के महीने में भी गर्म कपड़ों और कंबलों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पर्वतीय जिलों के लिए आज का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रोहित थपलियाल के अनुसार, गुरुवार को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले जिलों में बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं, अन्य पर्वतीय जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एएस नैन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव फिलहाल बना हुआ है, जिससे गुरुवार को भी आसमान में बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश के आसार हैं।
अगले एक हफ्ते का पूर्वानुमान
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार की हलचल के बाद अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। हालांकि, यह राहत अस्थायी होगी। विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि 11 मई से मौसम एक बार फिर करवट लेगा और राज्य के कई हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
प्रमुख शहरों का तापमान और बारिश का डेटा
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | बारिश (मिमी में) |
| देहरादून | 31.7 | 16.2 | 13.5 (हाथीबड़कला) |
| पंतनगर | 33.0 | 17.1 | – |
| मुक्तेश्वर | 18.5 | 7.1 | – |
| नई टिहरी | 21.4 | 7.6 | – |
| नैनीताल | 23.0 | 14.0 | हल्की बूंदाबांदी |
| चंपावत | – | – | 12.0 |
पर्यटन स्थलों पर असर
सरोवर नगरी नैनीताल और मसूरी में बुधवार को दिनभर बादलों और धूप की लुका-छिपी चलती रही। मसूरी में शाम सात बजे के करीब हुई तेज ओलावृष्टि और हवाओं के कारण माल रोड पर पर्यटकों की आवाजाही कम हो गई। तापमान में अचानक आई कमी से पर्यटक और स्थानीय निवासी गर्म जैकेटों में लिपटे नजर आए।









