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उत्तराखंड में बदल जाएगी लाइफस्टाइल, वर्क फ्रॉम होम से लेकर AC तक, सबके लिए जारी हुई गाइडलाइन

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देहरादून, 15 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बीच उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। शासन ने अब तक केवल सलाह और अपीलों तक सीमित ऊर्जा संरक्षण को औपचारिक गाइडलाइन में तब्दील कर दिया है। प्रभारी मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु की ओर से जारी इस विस्तृत आदेश में सरकारी विभागों से लेकर आम जनता तक के लिए नए अनुशासन तय किए गए हैं।

इस नई नियमावली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सरकारी फिजूलखर्ची पर लगाम लगाना है। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब माननीयों और वीआईपी (VIP) मूवमेंट के दौरान काफिले में शामिल होने वाले वाहनों की संख्या को 50 प्रतिशत तक सीमित किया जाएगा। इसके साथ ही, सरकारी बैठकों के लिए अधिकारियों की भौतिक उपस्थिति के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही और ईंधन की खपत को कम किया जा सके।

सार्वजनिक परिवहन और ‘नो व्हीकल डे’ की पहल

प्रदेश में ईंधन की खपत घटाने के लिए सरकार अब ‘नो व्हीकल डे’ (No Vehicle Day) की योजना पर काम कर रही है। गाइडलाइन के अनुसार, सप्ताह में एक दिन वाहनों का प्रयोग न करने और इसके बदले साइकिलिंग या पैदल चलने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को भी दफ्तर आने-जाने के लिए साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही, निजी क्षेत्र और स्कूलों को भी सुझाव दिया गया है कि वे अपने कर्मचारियों और छात्रों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें।

भवनों में AC के उपयोग पर नई पाबंदी

ऊर्जा बचत को केवल सड़क तक सीमित न रखते हुए इसे दफ्तरों और घरों के भीतर भी लागू किया गया है। अब सरकारी और निजी भवनों, मॉल्स और होटलों में एयर कंडीशनर (AC) का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना होगा। सजावटी लाइटों और गैर-जरूरी बिजली के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए भी सख्त हिदायत दी गई है। सरकार का मानना है कि इन छोटे बदलावों से बिजली बिल और कार्बन फुटप्रिंट में बड़ी कमी आएगी।

सोने की खरीद और विदेशी यात्राओं पर नियंत्रण

एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सरकार ने नागरिकों से कम से कम एक साल तक सोने की अनावश्यक खरीद से बचने की अपील की है। इसके पीछे का तर्क देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती देना और आयात पर निर्भरता कम करना है। इसके साथ ही, सरकारी अधिकारियों की गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं पर भी रोक लगा दी गई है और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

स्वदेशी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर फोकस

राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम विकसित करने का निर्णय लिया है। गाइडलाइन में सोलर प्रोजेक्ट्स और गोवर्धन योजना के तहत बायोगैस परियोजनाओं को फास्ट-ट्रैक मोड पर लाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी खरीद में अब ‘मेक इन इंडिया’ के नियमों का कड़ाई से पालन होगा और स्थानीय हस्तशिल्प को प्राथमिकता दी जाएगी।

खेती और खान-पान में भी बदलाव के निर्देश

ऊर्जा सुरक्षा की इस रणनीति में कृषि और स्वास्थ्य को भी जोड़ा गया है। उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं, खाद्य तेलों के आयात को कम करने के लिए जनता को कम तेल वाले भोजन के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों और सरकारी कैंटीनों में भी तेल की खपत की समीक्षा की जाएगी।

क्षेत्रप्रमुख निर्देश
परिवहनVIP काफिलों में 50% वाहनों की कटौती, साइकिलिंग को बढ़ावा।
कार्य प्रणालीवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अनिवार्य, निजी क्षेत्र में वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहन।
ऊर्जाAC का तापमान 24-26°C फिक्स, सोलर रूफटॉप प्रोजेक्ट्स में तेजी।
मितव्ययतागैर-जरूरी विदेश यात्राओं पर रोक, सोने की खरीद सीमित करने की अपील।

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