देहरादून, 14 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिलों में अगले 48 घंटों के लिए बारिश और आकाशीय बिजली (Uttarakhand Weather Update) चमकने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। विशेष रूप से 4500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी आशंका है। हालांकि, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जनपदों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों से सटी सीमाओं पर बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है।
आगामी 16 मई को लेकर विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के सुदूरवर्ती इलाकों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है। ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना को देखते हुए पर्यटकों और चारधाम यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की एडवायजरी: किसानों और आम जन के लिए निर्देश
तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने और पक्के मकानों में रहने की अपील की गई है। विशेष रूप से किसानों को सलाह दी गई है कि यदि खेतों में फसल कटी हुई पड़ी है, तो उसे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें, ताकि नमी और तेज हवाओं से नुकसान न हो। असुरक्षित ढांचों और कच्चे मकानों के पास रहने वाले लोगों को भी सावधान रहने को कहा गया है।
इन जिलों में रहेगा मौसम का असर
| क्षेत्र | स्थिति | अलर्ट का प्रकार |
| उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग | हल्की बारिश और बर्फबारी | येलो अलर्ट (Yellow Alert) |
| देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा | गर्जन के साथ बौछारें | आकाशीय बिजली की चेतावनी |
| हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर | मौसम शुष्क | कोई अलर्ट नहीं |
| ऊंचाई वाले इलाके (>4500m) | बर्फबारी की संभावना | यात्रा सावधानी निर्देश |
आकाशीय बिजली गिरने से जान-माल की हानि की आशंका को देखते हुए बिजली से चलने वाले उपकरणों से दूर रहने और तूफान के समय खिड़की-दरवाजे बंद रखने का सुझाव दिया गया है। विभाग का कहना है कि यह मौसमी बदलाव स्थानीय वायुदाब में परिवर्तन के कारण हो रहा है, जिसका प्रभाव अगले दो दिनों तक बना रहेगा।









