देहरादून, 18 मई (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में चिलचिलाती धूप ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आसमान से बरसती आग और शुष्क हवाओं के कारण मैदानी क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान (Uttarakhand Weather Update) सामान्य से दो डिग्री अधिक 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 48 घंटों तक इस भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, बल्कि आने वाले चार से पांच दिनों में मैदानी इलाकों में लू (हीटवेव) जैसे हालात बन सकते हैं।
नौ दिनों में 8 डिग्री तक चढ़ा पारा
मैदानी इलाकों में सुबह से ही तीखी धूप के कारण बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में मई के तीसरे हफ्ते में सूरज के तेवर बेहद तल्ख हो गए हैं। पिछले नौ दिनों के भीतर हल्द्वानी में अधिकतम तापमान में सीधे 8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 9 मई को जहाँ यहाँ का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस था, वहीं 17 मई को यह बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
सूखी गर्मी और वनाग्नि का खतरा बढ़ा
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होते ही मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश तेजी से बढ़ी है। वातावरण में पिछले नौ दिनों में नमी का ग्राफ 31 प्रतिशत से गिरकर महज 14 प्रतिशत रह गया है। हवा में नमी बेहद कम होने की वजह से सूखी गर्मी लोगों को ज्यादा परेशान कर रही है। इसके साथ ही जंगलों में आग (वनाग्नि) का खतरा भी काफी बढ़ गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में तापमान अभी और बढ़ेगा, जिससे अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक का और उछाल आ सकता है।
नैनीताल में भी बदला मौसम का मिजाज
पर्वतीय क्षेत्रों की बात करें तो बीते दिनों लगातार हुई बारिश से जो ठंडक बनी हुई थी, वह अब गायब होने लगी है। सरोवर नगरी नैनीताल में रविवार को दिनभर तेज धूप खिली रही, जिससे दोपहर के समय गर्मी का अहसास बढ़ गया। कुछ दिनों पहले तक जो लोग गर्म कपड़े पहन रहे थे, वे अब गर्मी से बचने के लिए पंखे चलाने को मजबूर हैं। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, नैनीताल का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
20 मई से पांच जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 से 23 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, 20 मई से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलेगा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 20 मई से 23 मई के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश, गरज-चमक और 4500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है।
मौसम विभाग ने 20 और 21 मई को इन पांच पर्वतीय जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। प्रशासन और मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों व यात्रियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है।









