देहरादून, 18 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में ईंधन की उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट की है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने संयुक्त रूप से आश्वस्त किया है कि प्रदेश में पेट्रोल (एमएस), डीजल (एचएसडी) और रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और निर्बाध है।
तेल कंपनियों के मुताबिक, राज्य के सभी डिपो और टर्मिनलों से लेकर पेट्रोल पंपों तक पूरी सप्लाई चेन सुचारु रूप से काम कर रही है। कहीं भी आपूर्ति रुकने या व्यवधान की कोई स्थिति नहीं है।
ईंधन स्टॉक की लगातार हो रही निगरानी
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तराखंड के सभी क्षेत्रों में ईंधन के मौजूदा स्टॉक की निरंतर समीक्षा की जा रही है। मांग के अनुसार पेट्रोल पंपों पर रीफिलिंग का काम बिना किसी रुकावट के जारी है। तेल कंपनियों ने साफ किया है कि डिपो स्तर पर पर्याप्त बैकअप मौजूद है, इसलिए नागरिकों को आपूर्ति को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता
घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को देखते हुए तेल विपणन कंपनियों ने राज्यभर में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी को प्राथमिकता दी है। पूरे प्रदेश में रसोई गैस की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। सभी गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर पहुंचाने के लिए स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
पैनिक बाइंग से बचने की अपील
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के उत्तराखंड राज्य स्तरीय समन्वयक श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने नागरिकों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ईंधन संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है, इसलिए उपभोक्ता अपनी जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें। वाहनों में अनावश्यक रूप से ईंधन भरवाने या घरों में इसका संग्रहण (पैनिक बाइंग) करने से बचें।
श्री गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि ईंधन की उपलब्धता से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बजाय केवल तेल कंपनियों के आधिकारिक संचार माध्यमों और बयानों पर ही भरोसा करें।
जनहित गाइडलाइन: उपभोक्ताओं के लिए जरूरी बातें
- सामान्य व्यवहार: पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने या अतिरिक्त स्टॉक जमा करने से बचें।
- आधिकारिक स्रोत: आपूर्ति से जुड़ी किसी भी शंका के समाधान के लिए आईओसीएल, बीपीसीएल या एचपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
- प्रशासनिक तालमेल: तेल उद्योग के लॉजिस्टिक्स और स्टॉक मूवमेंट में आपसी समन्वय बेहतर है, जिससे पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में आपूर्ति सुचारु है।









