देहरादून, 18 मई, 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को आयोजित ‘जन दर्शन’ कार्यक्रम जनता की समस्याओं के समाधान का बड़ा केंद्र बनकर उभरा। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में हुए इस जनता मिलन में जमीन विवाद, अवैध कब्जे, स्कूल प्रशासन की मनमानी, राशन कार्ड और आर्थिक सहायता से जुड़े 300 से अधिक मामले सामने आए।
जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को इन जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया है।
बुजुर्ग पिता को निकाला घर से, डीएम ने दर्ज कराया वाद
जन सुनवाई के दौरान प्रेमनगर के शिवपुरी से आए बुजुर्ग सुरेश कुमार ने बेहद मार्मिक आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके सगे बेटे और बहू ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है और लगातार धमकियां दे रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तुरंत एक्शन लिया और संबंधित अधिकारियों को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर त्वरित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं, जमीन विवाद के एक अन्य मामले में वरिष्ठ नागरिक कमल नयन भुटानी की शिकायत पर जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) को भाइयों द्वारा किए गए अवैध कब्जे की जांच सौंपी गई।
सैसमै पब्लिक स्कूल के खिलाफ जांच के आदेश
डालनवाला क्षेत्र के पांच अभिभावकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ‘सैसमै पब्लिक स्कूल’ प्रबंधन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया कि स्कूल प्रशासन बच्चों को प्रताड़ित कर रहा है, पुरानी फीस एकमुश्त जमा करने का दबाव बना रहा है और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी नहीं कर रहा है। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) वीके ढ़ौडियाल को तत्काल मौके पर जांच कर सख्त कार्रवाई करने को कहा।
जरूरतमंद महिलाओं और विधवाओं को प्रशासनिक सहारा
सभंवाला की रहने वाली शिवानी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मशीनरी लोन और सब्सिडी अटकने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि घाटे के कारण वह लोन नहीं चुका पाईं, जिसके बाद तहसील से कुर्की का नोटिस आ गया है। डीएम ने इस मामले में तुरंत जांच बिठाकर महिला को राहत देने का रास्ता साफ किया।
इसके अलावा, पति के निधन के बाद ई-रिक्शा का लोन चुकाने में असमर्थ विधवा सुमन पाल को मदद देने के लिए रायफल क्लब से आर्थिक सहायता का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं, न घर के कागज और न बिजली का बिल होने के कारण राशन कार्ड के लिए भटक रही तलाकशुदा महिला ममता रानी के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) से दो दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है।









