देहरादून, 24 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। एक साल पहले अपनी जान पर खेलकर चार बच्चों को हाईटेंशन लाइन के करंट से बचाने वाले देहरादून के मनीष शर्मा के परिवार को जिला प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे मनीष की गुहार पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने उन्हें 50 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता और उनके बेटे की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है।
ब्रह्मपुरी इलाके के रहने वाले मनीष के साथ यह दर्दनाक हादसा करीब एक साल पहले हुआ था। चार बच्चों को हाईटेंशन लाइन की चपेट में आता देख मनीष ने बिना सोचे उन्हें तो बचा लिया, लेकिन इस दौरान वह बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनके दोनों हाथ काटने पड़े। इस हादसे के बाद वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए और उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया।
पत्नी और दो छोटे बच्चों के भरण-पोषण में आ रही दिक्कतों को देखते हुए मनीष ने हाल ही में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा रखी थी। अपने प्रार्थना पत्र में उन्होंने बताया कि दोनों हाथ न होने के कारण वह कोई रोजगार नहीं कर पा रहे हैं। इस पर डीएम सविन बंसल ने तुरंत कदम उठाते हुए राइफल क्लब फंड से स्वरोजगार शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये की धनराशि मंजूर कर दी।
तात्कालिक मदद के अलावा, जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मनीष के परिवार को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी सीधा लाभ दिलाया जाए। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि इस बहादुर पिता के बच्चों का भविष्य आर्थिक तंगी के कारण प्रभावित न हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समाज के लिए साहस की मिसाल पेश करने वालों के साथ प्रशासन पूरी मजबूती से खड़ा है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई के बाद मनीष शर्मा और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन के इस संवेदनशील कदम की सराहना की जा रही है।









