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Uttarakhand Heat Wave : देहरादून में पारा 40 पार, रोडवेज से लेकर बाजारों तक पसरा सन्नाटा

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देहरादून, 26 मई (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में नौतपा की शुरुआत होते ही मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप (Uttarakhand Heat Wave) जानलेवा होने लगा है। राजधानी देहरादून सहित रुड़की और हरिद्वार जैसे मैदानी क्षेत्रों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ राज्य का कारोबार और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है। दोपहर के समय शहरों के मुख्य बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।

27 मई तक मैदानी जिलों में हीट वेव की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सूबे के मैदानी जनपदों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान लू (हीट वेव) की स्थिति और गंभीर हो सकती है। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और चम्पावत के कुछ हिस्सों में 27 मई तक तीव्र लू चलने की आशंका है।

हालिया आंकड़ों के मुताबिक, रुड़की में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि देहरादून में पारा 40 डिग्री के पार चला गया है। इसके विपरीत, पर्वतीय क्षेत्रों में न्यू टिहरी का तापमान 30 डिग्री और मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी की एडवायजरी

बढ़ते पारे और स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रखे जाएं।

इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाएं, ओआरएस (ORS), बर्फ और जरूरी उपकरण तैयार रखने को कहा गया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और तरल पदार्थों का सेवन जारी रखें।

सूने पड़े बाजार, उत्तराखंड रोडवेज को भारी नुकसान

चिलचिलाती धूप का सीधा असर राज्य के व्यापार और परिवहन पर पड़ा है। देहरादून के ऐतिहासिक पलटन बाजार और मोती बाजार सब्जी मंडी में ग्राहकों की संख्या न के बराबर रह गई है।

यात्रियों की कमी के कारण उत्तराखंड रोडवेज की साधारण बसें खाली चल रही हैं। रोडवेज प्रबंधन के अनुसार, मई महीने में भीषण गर्मी के चलते दोपहर के रूटों पर यात्री काफी कम हुए हैं, जिससे परिवहन निगम की दैनिक औसत आय जो पहले 2.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, वह घटकर अब करीब 1.95 करोड़ रुपये रह गई है। यानी रोडवेज को हर दिन 20 से 25 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।

दून जू में पर्यटकों की कमी, जानवरों के लिए विशेष इंतजाम

गर्मी का असर देहरादून के प्रसिद्ध मालसी डियर पार्क (दून जू) पर भी साफ दिख रहा है। जू के इंचार्ज विनोद लिंगवाल के मुताबिक, 10 मई को जहां जू में लगभग 7 हजार पर्यटक आए थे, वहीं 24 मई को यह संख्या घटकर महज 5 हजार रह गई। पर्यटकों की इस कमी से वन्यजीव केंद्र की आय प्रभावित हुई है।

दूसरी तरफ, जू प्रशासन ने बेजुबान जानवरों को भीषण तपन से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं:

  • पक्षियों के बाड़ों को चारों तरफ से ढक दिया गया है।
  • भालू को ठंडा रखने के लिए बाड़े के भीतर कृत्रिम तालाब बनाया गया है, जिसमें ताजे पानी की बौछारें की जा रही हैं।
  • बाघों के लिए पानी के विशेष टैंक भरे जा रहे हैं, जबकि गुलदारों के बाड़ों में कूलर लगाए गए हैं।

पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का अनुमान

मैदानी इलाकों में जारी इस तपिश के बीच मौसम विभाग ने राज्य के पांच पहाड़ी जिलों के लिए राहत की खबर दी है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। सोमवार दोपहर बाद चकराता के ऊंचे इलाकों में झमाझम बारिश से मौसम कुछ बदला भी है।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों के भीतर सूबे के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे तपती गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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