देहरादून, 28 मई (दून हॉराइज़न)। अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की एक हालिया सुनवाई बैठक को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। इस बैठक में भारत के तीन भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों— पुष्कर सिंह धामी, योगी आदित्यनाथ और हिमंत बिस्वा सरमा पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई गई। उत्तराखंड भाजपा ने अमेरिकी मंच पर हुई इस कार्रवाई पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए इसे देश के खिलाफ एक सुनियोजित दुष्प्रचार बताया है।
विदेशी मंच से भारत को घेरने की कोशिश
यूएस आयोग की इस बैठक में एक एक्टिविस्ट ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और असम के मुख्यमंत्रियों की नीतियों को आधार बनाकर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की वकालत की थी। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) समेत कई वरिष्ठ नेताओं को भी निशाने पर लेने का प्रयास किया गया।
राष्ट्रहित और सनातन की आवाज दबाने का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भट्ट ने कहा कि इस सुनवाई के जरिए उन मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाया जा रहा है जो हिंदू संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रहित के मामलों पर मुखर रहते हैं।
उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC), अवैध कब्जों और जबरन धर्मांतरण जैसे गंभीर मुद्दों पर लगातार सख्त फैसले ले रहे हैं।
मुख्यमंत्रियों के फैसलों का किया बचाव
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के प्रशासनिक कदमों का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ माफिया तंत्र और कट्टरपंथ के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं, जबकि असम में हिमंत बिस्वा सरमा घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन जैसे संवेदनशील विषयों पर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
भट्ट ने सवाल उठाया कि अपनी भूमि, संस्कृति, मंदिरों और पहचान की रक्षा के लिए कदम उठाना किसी भी नजरिए से गलत कैसे हो सकता है? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्वों को परेशानी सिर्फ इस बात से है कि अब हिंदू समाज अपने अधिकारों और पहचान को लेकर खुलकर बात करने लगा है।
लोकतांत्रिक हार का विदेशी मंचों पर गुस्सा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और यहां के चुनावों में जनता का विश्वास हासिल नहीं कर पाते, वे विदेशी मंचों की शरण लेते हैं। ऐसे लोग विदेशी धरती पर जाकर देश की छवि को धूमिल करने की कोशिशों में जुट जाते हैं। जनता इस बात को अच्छी तरह समझ रही है कि हमला सिर्फ तीन मुख्यमंत्रियों पर नहीं, बल्कि भारत को उसकी जड़ों और सभ्यता से जोड़ने वाली विचारधारा पर है।
राष्ट्र रक्षा के संकल्प पर अडिग
इधर, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने भी इस मामले में अपनी बात रखी। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी मुख्यमंत्री राष्ट्र और सनातन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन ताकतों को देश की जनता पूरी तरह नकार चुकी है, वे अब विदेशी जमीन से भारत के खिलाफ साजिशें रचने का काम कर रही हैं।









