देहरादून, 29 मई (दून हॉराइज़न)। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2027) में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए उत्तराखंड भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। देहरादून स्थित प्रदेश मुख्यालय में गुरुवार को हुई अहम कोर कमेटी की बैठक में पार्टी ने उन बूथों पर सबसे ज्यादा फोकस करने का निर्णय लिया है, जहां पिछले दो चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ा था।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन ने कार्यभार संभालने के बाद पहली बार देहरादून पहुंचकर इस बैठक की अध्यक्षता की। तीन घंटे से अधिक समय तक चले इस मंथन में पूर्व मुख्यमंत्रियों, सांसदों, मंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को चुनावी रोडमैप सौंपा गया है।
मंत्रियों पर रहेगी दोहरी जिम्मेदारी
आगामी चुनाव को देखते हुए धामी कैबिनेट के मंत्रियों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। उन्हें अब अपनी विधानसभा सीट के साथ-साथ उन जिलों में भी पार्टी को जिताने का टास्क मिला है, जहां के वे प्रभारी हैं। कोर कमेटी की बैठक में स्पष्ट किया गया कि चुनाव के लिए अब कम समय बचा है, इसलिए मंत्री जनता से सीधा संवाद करें। उन्हें यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि आम लोगों से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर देरी न हो।
तीन महीने चलेगा विशेष अभियान
विपक्ष की रणनीतियों का बूथ स्तर पर जवाब देने के लिए भाजपा अगले तीन महीने—जून, जुलाई और अगस्त—में एक विशेष अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत हर बूथ के लिए माइक्रो लेवल पर प्लानिंग की जा रही है। कोर कमेटी के सदस्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर बूथ पर कम से कम दो दिन का प्रवास करें। वहां की स्थानीय समस्याओं का फीडबैक लेकर सीधे सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि समय रहते उनका समाधान किया जा सके।
अनुशासन और तालमेल पर जोर
बैठक के दौरान पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया गया कि चुनाव में जीत के लिए कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल सबसे जरूरी है। अनुशासन को ही भाजपा की सफलता का मुख्य सूत्र बताया गया। नेताओं को आपसी समन्वय बनाकर 2027 के लक्ष्य पर फोकस करने की नसीहत दी गई है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि धामी सरकार द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों और केंद्र-राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाकर राज्य में एक बार फिर स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की जाएगी।









