देहरादून, 31 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में पिछले 48 घंटों के दौरान खराब मौसम (uttarakhand weather alert) , स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं और लगातार हो रहे सड़क हादसों ने भारी तबाही मचाई है। पूरे राज्य में अलग-अलग घटनाओं में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। यह स्थिति तब बनी है जब राज्य में चारधाम और आदि कैलाश यात्रा के लिए देश भर से हजारों श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, मौतें केवल मौसम की वजह से नहीं हुई हैं, बल्कि पहाड़ी मार्गों पर वाहन दुर्घटनाएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तीर्थयात्रियों को होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका मुख्य कारण हैं।
तुंगनाथ-चोपटा में आकाशीय बिजली का कहर
सबसे दर्दनाक घटना रुद्रप्रयाग जिले के तुंगनाथ-चोपटा क्षेत्र में सामने आई। ऊंचाई वाले इस आध्यात्मिक स्थल पर अचानक आए भीषण तूफान और चंद्रशिला के पास आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ निवासी दो भाइयों, अभिषेक और अभिनव वाजपेयी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना में एक महिला समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मौसम बिगड़ने के बाद कई पर्यटक इस क्षेत्र में फंस गए थे। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां
यमुनोत्री और आदि कैलाश यात्रा मार्गों पर भी श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए मध्य प्रदेश के 61 वर्षीय हरिमोहन की जानकी चट्टी के पास अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही यमुनोत्री मार्ग पर इस सीजन में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 14 तक पहुंच गया है।
इसी तरह, आदि कैलाश यात्रा पर गए गुजरात (राजकोट) के 76 वर्षीय मनसुख गिरी को यात्रा के दौरान दिल का दौरा पड़ा। धारचूला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पहाड़ी रास्तों पर जानलेवा सड़क हादसे
खराब मौसम के बीच राज्य के पहाड़ी मार्गों पर वाहन दुर्घटनाओं का सिलसिला भी जारी है। पिछले दो दिनों के भीतर चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और टिहरी जिलों में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 10 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
चमोली के देवाल विकास खंड में एक एंबुलेंस के गहरी खाई में गिरने से वाहन में सवार छह में से तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी से उत्तरकाशी जा रहा एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क से नीचे जा गिरा। इस हादसे में महाराष्ट्र (नागपुर) के दो बुजुर्ग पर्यटकों, 67 वर्षीय लक्ष्मी रामटेक्कर और 77 वर्षीय दामोदर रामटेक्कर की मौत हो गई। हादसे में ओडिशा के दो अन्य यात्री भी घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वनाग्नि और प्रशासन की चेतावनी
एक ओर राज्य बारिश और तूफान का सामना कर रहा है, तो दूसरी ओर जंगलों की आग भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पौड़ी जिले में वनाग्नि को बुझाने के दौरान आग की चपेट में आने से वन विभाग के एक कर्मचारी की जलकर मृत्यु हो गई है।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन ने ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम और दुर्गम रास्तों को देखते हुए सभी यात्रियों से मौसम का अपडेट लेकर ही सफर करने की अपील की गई है।









