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Dehradun Monsoon : देहरादून में मानसून से पहले एक्शन में DM, 7 जून तक का दिया अल्टीमेटम

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देहरादून, 31 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। आगामी मानसून के दौरान जलभराव और आपदा जैसी स्थितियों से निपटने के लिए देहरादून जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने रविवार को सभी संबंधित विभागों को सख्त हिदायत दी है कि मानसून पूर्व की सभी तैयारियां हर हाल में 7 जून तक पूरी कर ली जाएं। उन्होंने साफ किया है कि आपदा प्रबंधन के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम ने लोक निर्माण, सिंचाई, नगर निगम, पुलिस और विद्युत समेत सभी रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को अपने स्तर पर तत्काल प्रभाव से टास्क फोर्स, कंट्रोल रूम और वॉर रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि विभागों के बीच ‘कम्युनिकेशन गैप’ के कारण अगर कोई काम रुकता है, तो सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेगी QRT

मानसून में अक्सर जलभराव का सामना करने वाले संवेदनशील इलाकों के लिए विशेष रणनीति तय की गई है। ऋषिकेश, विकासनगर और नदी किनारे बसी बस्तियों में आपात स्थिति से निपटने के लिए वाटर पंप के साथ टास्क फोर्स मुस्तैद रहेगी।

इसके अलावा, बरसाती नालों, नहरों और नदियों के चौनलाइजेशन का काम भी प्राथमिकता पर निपटाने को कहा गया है ताकि भारी बारिश के दौरान पानी आबादी वाले इलाकों में न घुसे। प्रमुख चौराहों पर यातायात सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

सड़कों को करें गड्ढामुक्त

सड़कों की स्थिति सुधारने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि जिन सड़कों पर विकास या जनहित से जुड़ी परियोजनाएं चल रही हैं, उन्हें तय सीमा में पूरा कर तुरंत लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित किया जाए। इससे सड़कों की मरम्मत और गड्ढे भरने का काम समय पर शुरू हो सकेगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और पीएमजीएसवाई (PMGSY) के अधिकारियों को सड़क किनारे बनी नालियों और स्कवरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का खुद लेंगे फीडबैक

जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए डीएम ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज लेवल-1 की शिकायतों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।

शिकायतों का निपटारा सिर्फ कागजों पर न हो, इसके लिए जिलाधिकारी खुद कॉल ऑपरेटर के जरिए शिकायतकर्ताओं से बात कर जमीनी हकीकत का फीडबैक लेंगे। बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ओम पाल सिंह और सीओ सिटी नितिन लोहानी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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