चंपावत/रामनगर, 31 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने कहीं राहत तो कहीं आफत पैदा कर दी है। चंपावत जिले में प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम यात्रा मार्ग पर बाटना गाड़ (बरसाती नाला) अचानक उफान पर आ गया, जिससे सैकड़ों श्रद्धालु रास्ते में ही फंस गए। दूसरी तरफ, रामनगर में रविवार दोपहर बाद आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से तो राहत दी, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
पूर्णागिरि मार्ग पर दो घंटे चला रेस्क्यू
टनकपुर में चल रहे पूर्णागिरि मेले में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रविवार को पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के कारण बाटना गाड़ बरसाती नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि यात्रा मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया और दर्शन कर लौट रहे सैकड़ों तीर्थयात्री मौके पर ही फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही टनकपुर कोतवाली की बूम और ठुलीगाड़ चौकी पुलिस फौरन मौके पर पहुंची। बूम चौकी इंचार्ज एसआई संदीप पिलख्वाल के नेतृत्व में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। उफनते नाले के बीच मानव श्रृंखला बनाकर पुलिसकर्मियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार कराया। चंपावत के पुलिस अधीक्षक ने मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए सभी यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने और सावधानी बरतने की अपील की है।
रामनगर में आंधी-तूफान से हीटवेव टूटी
उधर, रामनगर और आसपास के इलाकों में रविवार दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने तापमान में भारी गिरावट ला दी। बीते कई दिनों से हीटवेव का सामना कर रहे स्थानीय लोगों ने इस बारिश से बड़ी राहत की सांस ली है। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों की छतों पर रखे सामान और सूखने डाले गए कपड़े तक उड़ गए।
बागवानों के लिए आफत बनी बारिश
आम जनजीवन के लिए यह बारिश भले ही सुकून लेकर आई हो, लेकिन बागवानों के लिए यह किसी संकट से कम नहीं है। इस वक्त रामनगर बेल्ट में आम और लीची की फसल पेड़ों पर तैयार खड़ी है। तेज आंधी के कारण पेड़ों से फलों के झड़ने की सूचनाएं आ रही हैं। किसानों का कहना है कि अगर तेज हवा और बारिश का यह दौर आगे भी जारी रहा, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।









