चंपावत, 3 जून (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के चंपावत जिले में बुधवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां धारचूला से टनकपुर जा रही रोडवेज बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए। बस में सवार 34 यात्रियों की जान बचाने के लिए चालक ने बस को सीधे पहाड़ी से टकरा दिया।
इस कदम से सभी यात्रियों की जान बच गई, लेकिन झटके से दरवाजा खुलने के कारण चालक खुद बस के अगले पहिए के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा लोहाघाट-पिथौरागढ़ हाईवे पर मरोड़ाखान (राईकोट महर) के पास सुबह करीब 10 बजे हुआ। हादसे में जान गंवाने वाले चालक की पहचान चम्पावत के बडोली क्षेत्र के रहने वाले 49 वर्षीय बेनीराम थ्वाल के रूप में हुई है।
ढलान पर अनियंत्रित हुई थी बस
उत्तराखंड परिवहन निगम (टनकपुर मंडल) के सहायक मंडलीय प्रबंधक सुरेश पांडे ने बताया कि बस (UK-07 PA3122) चंपावत से करीब 18 किलोमीटर पहले ढलान पर थी।
इसी दौरान बस के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। बेकाबू हो रही बस को गहरी खाई में जाने से रोकने के लिए चालक बेनीराम ने उसे दाईं ओर स्थित पहाड़ी की तरफ मोड़ दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से रुक गया।
परिचालक ने बताई आंखों देखी
बस के परिचालक किशन बहादुर के मुताबिक, पहाड़ी से टकराते वक्त एक तेज झटका लगा। इसी झटके में चालक की तरफ वाला दरवाजा एकाएक खुल गया और बेनीराम नियंत्रण खोकर बाहर छिटक गए। दुर्भाग्य से, वह उसी बस के अगले पहिए की चपेट में आ गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पहिए के नीचे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे में केवल एक महिला यात्री को मामूली चोट आई है, जबकि अन्य सभी 34 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रशासन ने सभी यात्रियों को दूसरी बस के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया।









