हल्द्वानी, 7 जून (दून हॉराइज़न)। हल्द्वानी के रामपुर रोड (जीतपुर नेगी) स्थित अमेजन के डिलीवरी गोदाम में शुक्रवार देर रात भीषण अग्निकांड में दो सुरक्षा कर्मियों की जान चली गई। हादसे के वक्त दोनों कर्मचारी अंदर सो रहे थे। धुएं से दम घुटने और आग की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह गोदाम के अंदर चार्जिंग पर लगे इलेक्ट्रिक लोडर वाहन में हुई स्पार्किंग मानी जा रही है।
जान गंवाने वालों की पहचान गौलापार (बागजाला) निवासी 35 वर्षीय नरेंद्र प्रसाद और रामपुर रोड स्थित पंचायत घर के समीप रहने वाले 25 वर्षीय अमित आर्य के रूप में हुई है। घटना के बाद शनिवार को मोर्चरी पहुंचे मृतकों के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर घंटों हंगामा किया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आक्रोशित परिजनों को शांत कराया, जिसके बाद ही शवों का पोस्टमार्टम हो सका।
हल्द्वानी कोतवाली के प्रभारी विजय मेहता के मुताबिक, पुलिस को रात में डायल 112 के जरिए घटना की सूचना मिली थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शटर तोड़कर पानी की बौछार से आग बुझाने का काम शुरू किया। लपटें शांत होने के बाद जब टीमें अंदर पहुंचीं, तो दोनों युवक मृत अवस्था में पाए गए। पास ही मौजूद इलेक्ट्रिक लोडर और एक स्कूटर भी जलकर नष्ट हो चुके थे।
इस दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की बड़ी चूक उजागर कर दी है। एफएसओ मिंदर पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि घनी आबादी के बीच चल रहे इस बड़े कूरियर सेंटर के पास न तो कोई पंजीकरण था और न ही फायर विभाग की एनओसी (NOC)। गोदाम में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण आग तेजी से फैली।
हादसे में 1500 से अधिक पार्सल, सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, एसी और अन्य मशीनरी जलकर खाक हो गए, जिससे कंपनी का डिलीवरी ऑपरेशन पूरी तरह ठप हो गया है।









