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लोगों की जान बचाने वाले केशव नेगी को जेल? बेटी का छलका दर्द, बोलीं- ‘मेरे पिता को फंसाया गया’

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देहरादून, 8 जून (दून हॉराइज़न)। दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में उत्तराखंड के एक शेफ की गिरफ्तारी ने राज्य का सियासी पारा चढ़ा दिया है। पौड़ी जिले के निवासी केशव नेगी को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदेशभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर नेगी के समर्थन में बड़ा अभियान शुरू हो गया है। वहीं सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दिल्ली पुलिस और सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बेटी का आरोप – असली दोषियों को बचाने की कोशिश

घटना के बाद केशव नेगी की बेटी कनिष्का ने पुलिस की कार्रवाई को सिरे से गलत ठहराया है। कनिष्का का कहना है कि उनके पिता को इस हादसे में फंसाया जा रहा है। जिस वक्त आग लगी, केशव होटल के किचन में मौजूद थे, जहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिक सामान और गैस सिलेंडर रखे हुए थे। आग तेजी से फैली, लेकिन केशव ने उसे बुझाने का भरसक प्रयास किया।

कनिष्का के मुताबिक, जब धुआं बहुत ज्यादा हो गया, तब उन्हें बाहर निकलना पड़ा। केशव और होटल मैनेजर ने तुरंत मालिक को फोन पर घटना की जानकारी दी थी। इतना ही नहीं, जब लोग जान बचाने के लिए इमारत से कूदने लगे, तो उनके पिता ने नीचे गद्दे बिछाकर कई लोगों को गंभीर चोटों से बचाया।

सीएम धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से की वार्ता

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर बात की है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केशव नेगी और उनके परिवार के साथ खड़ी है। दिल्ली की सीएम ने आश्वस्त किया है कि किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच पूरी तरह साक्ष्यों पर आधारित होगी। मुख्यमंत्री ने कनिष्का नेगी से भी फोन पर बात कर उन्हें हर संभव कानूनी मदद का भरोसा दिलाया है।

सांसदों और कांग्रेस नेताओं ने खोला मोर्चा

नेगी की गिरफ्तारी पर उत्तराखंड के सांसदों ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। नैनीताल सांसद अजय भट्ट, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से वार्ता कर निष्पक्ष कार्रवाई की पैरवी की है। अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी मामले में न्याय सुनिश्चित करने की बात कही।

इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि एक सामान्य कर्मचारी को असली दोषियों को बचाने के लिए फंसाया जा रहा है। नेताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

30 साल से दिल्ली में काम कर रहे हैं केशव

केशव नेगी मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के थलीसैण ब्लॉक स्थित रिखोली गांव के रहने वाले हैं। ग्राम प्रधान प्रेम लाल के अनुसार, वह पिछले 30 सालों से रोजगार के सिलसिले में राज्य से बाहर हैं और वर्तमान में उनका परिवार दिल्ली के दिलशाद गार्डन इलाके में रहता है। पति की गिरफ्तारी से पत्नी सुंदरी देवी गहरे सदमे में हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने केशव को बिना किसी पुख्ता आधार के थाने में बिठा रखा है।

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