देहरादून, 8 जून (दून हॉराइज़न)। राजधानी देहरादून से एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनहीन मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने शादी के वक्त अपनी एचआईवी (HIV) संक्रमित होने की बात छिपाई। इसका खामियाजा उसकी पत्नी को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
संक्रमण का शिकार हुई महिला की मौत के बाद प्रेमनगर थाना पुलिस ने मृतका की बहन की तहरीर पर आरोपी शिक्षक और उसके परिवार वालों के खिलाफ धोखाधड़ी व जान जोखिम में डालने की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस जानकारी के अनुसार, आरोपी पौड़ी गढ़वाल के त्रिपालीसैण क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में एक सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। मृतका की बहन का आरोप है कि शादी के वक्त आरोपी और उसके परिवार ने जानबूझकर इस बीमारी की बात को दबाए रखा। जब महिला इसी संक्रमण के कारण गंभीर रूप से बीमार पड़ने लगी, तब जाकर इस धोखे का खुलासा हुआ।
14 फरवरी को जब महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ी, तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां मेडिकल जांच में डॉक्टरों ने उसे एचआईवी पॉजिटिव पाया। इसके बाद चिकित्सकों ने सुरक्षा के लिहाज से उसके पति और बेटे की भी मेडिकल जांच कराने की सलाह दी।
आरोप है कि अपनी पोल खुलती देख शिक्षक अस्पताल से खिसक गया। कुछ दिन बाद उसने खुद को बचाने के लिए व्हाट्सएप पर अपनी एक मेडिकल रिपोर्ट परिजनों को भेजी, जिसमें वह एचआईवी नेगेटिव दिख रहा था। मृतका के परिजनों का सीधा आरोप है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी थी और पति ने अपनी वास्तविक स्थिति छिपाने के लिए यह साजिश रची।
सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जब महिला अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही थी, तब आरोपी पति उसे उसी हाल में छोड़कर अपने गांव चला गया। परिजनों के मुताबिक, उसने इलाज में कोई मदद नहीं की और न ही पत्नी की देखभाल की। आखिरकार, लगातार इलाज के बावजूद 2 मार्च को महिला ने दम तोड़ दिया।
परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते बीमारी की सही जानकारी दी जाती, तो शायद महिला की जान बच सकती थी। इस पूरे प्रकरण पर प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि मृतका की बहन की शिकायत पर आरोपी शिक्षक और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल मेडिकल दस्तावेजों को कब्जे में लेकर दावों की सत्यता जांच रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









